फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 सितम्बर 2025 ग्राम पंचायत पिपरगांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम मतापुर का मुख्य मार्ग इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रहा है। बरसात शुरू होते ही यह मार्ग तालाब का रूप ले लेता है। हालात इतने खराब हैं कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस कच्चे मार्ग पर फिसलकर गिर रहे हैं। यही रास्ता चार-चार स्कूलों तक जाता है, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चों की शिक्षा पर संकट खड़ा हो गया है।
स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा परेशान
गांव के लोग बताते हैं कि बरसात के दिनों में बच्चे स्कूल तक पहुंचने के लिए रोज़ाना पानी से होकर गुजरते हैं। नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं की किताबें भीग जाती हैं और कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। मजबूरी में कई बच्चे अपने स्कूल बैग को सिर पर रखकर घुटनों तक पानी में चलते हैं। शिक्षक और ग्रामीण भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप – चुनाव बाद भूल जाते हैं वादे
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग वर्षों से कच्चा ही पड़ा है। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि इसे बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद भूल जाते हैं। बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। ग्रामीणों का आरोप है कि नेताओं की लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता की वजह से गांव के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
रोजमर्रा की जिंदगी भी अस्त-व्यस्त
यह मार्ग न केवल स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बल्कि ग्रामीणों की दिनचर्या के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से लोग खेतों तक जाते हैं और जानवरों के लिए चारा लाते हैं। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह डूब जाने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
अब ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस लिंक रोड को तत्काल पक्का बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह सड़क नहीं बनती, तब तक बच्चों और ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं होंगी।
आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति
गांव में चर्चा है कि विपक्षी दल सत्ता पक्ष पर आरोप लगा रहे हैं कि उनकी प्राथमिकताओं में गांव और शिक्षा नहीं है। वहीं सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि इसे जल्द ही निर्माण कराने का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि बरसों से ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
