उत्तर प्रदेश सरकार सफाई पर सबसे अधिक जोर दे रही है लेकिन यहां मामला कुछ और है ग्राम प्रधान को अच्छा विकास कार्य करने हेतु सम्मानित किया जा रहा है और गांव की नालियों तक की सफाई नहीं होती है पूरे पंचायत का हाल बेहाल है ग्राम विकास अधिकारी एक सफाई कर्मी होने का ढीकरा फोड़ते हैं सफाई कर्मियों का कोई रोस्टर नहीं है ना किसी रोस्टर के हिसाब से सफाई होती है ग्राम वासियों से पूछने पर पता चला सफाई करने दो-तीन महीने में एक बार आता है वह भी नाली की मिट्टी को निकाल कर फेंकता नहीं वही छोड़ देता है ग्रामवासी बहुत परेशान है वार्ड मेंबरों से बात करने पर पता चला की प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी खुद नतमस्तक हैं सफाई कर्मी के आगे सफाई कर्मचारी उनका तक फोन नहीं उठाता है इस विषय पर जब डीपीआरओ से बात की गई तो डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया
फर्रुखाबाद: ग्राम पंचायत पिपरगांव की गलियों की हालत बद से बदतर जिम्मेदार मौन
