फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 जुलाई 2025 महात्मा गौतम बुद्ध के मूल सिद्धांतों और धरोहरों की स्वतंत्रता की मांग को लेकर चल रहे महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन को अब जनपद फर्रुखाबाद से भी समर्थन मिलने लगा है। तथागत संभ्रांत नागरिक सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने आंदोलन के समर्थन में संकिसा के राजघाट स्थित वाईबीएस सेंटर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम में सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष शिव कुमार शाक्य, सहयोगी राधेश्याम शाक्य, महावीर सिंह शाक्य तथा शेर सिंह शाक्य ने आंदोलन के उद्देश्यों के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि महाबोधि महाविहार केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि समस्त बौद्ध समाज की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक महाबोधि विहार की वास्तविक स्वायत्तता बहाल नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
धरना स्थल पर आंदोलन से जुड़े संगठनों के नेताओं ने तथागत संभ्रांत नागरिक सामाजिक संगठन के आगमन पर स्वागत किया और उन्हें आंदोलन की अब तक की प्रगति से अवगत कराया। संगठन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी बौद्ध धरोहरों की रक्षा और उनकी स्वतंत्रता के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस मुक्ति आंदोलन का उद्देश्य महाबोधि महाविहार को पुजारी व्यवस्था से मुक्त कर उसे बौद्ध अनुयायियों के नियंत्रण में देना है, ताकि बौद्ध परंपरा के अनुसार पूजा, शिक्षण और प्रचार-प्रसार संभव हो सके।संकिसा जैसे ऐतिहासिक स्थल से उठ रही यह आवाज अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगी है, और फर्रुखाबाद के बुद्धिष्ठ सामाजिक संगठनों का यह समर्थन आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
