फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 अगस्त 2025 पिछले कुछ दिनों से जिले में हो रही लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते किसानों की गन्ना फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला गन्ना अधिकारी श्री सुधीर कुमार गुप्ता ने प्रेस नोट जारी करते हुए किसानों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि भारी वर्षा और हवा के कारण खेतों में अत्यधिक नमी और जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे कई जगहों पर गन्ना गिर गया है। गन्ना गिरने से फसल की गुणवत्ता और उपज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गिरा हुआ गन्ना प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया से वंचित हो जाता है, जिससे गन्ने की लंबाई, मोटाई, इंटरनोड की संख्या और मिल योग्य गन्नों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
गन्ना गिरने के दुष्परिणाम:
उपज में 10.16% से लेकर 38.71% तक की गिरावट हो सकती है।
गन्ने की आँखों में फुटाव आ सकता है।
गन्ना टेढ़ा-मेढ़ा हो जाता है जिससे कटाई और लदाई में दिक्कत होती है।
प्रकाश संश्लेषण बाधित होने से गन्ने की वृद्धि रुक जाती है।
समाधान व सुझाव:
गन्ना गिरने की स्थिति में किसान भाई 24 से 48 घंटे के भीतर गन्ने की बंधाई अवश्य करें। समय पर की गई बंधाई से गन्ने की उपज पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन यदि देरी होती है तो गन्ना टूटने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट हो सकती है।
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने खेतों का निरीक्षण करें, और यदि जलभराव की स्थिति हो तो तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करें।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए सहायता:
लगातार वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है, जिससे गन्ना क्षेत्रफल को नुकसान की आशंका है। ऐसी स्थिति में किसान तकनीकी सहायता और जानकारी के लिए नीचे दिए गए कंट्रोल रूम नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
क्र.सं. कंट्रोल रूम का स्थान कंट्रोल रूम नंबर
1- विभागीय कंट्रोल रूम 7081202532
2- चीनी मिल रूपापुर 8756331478
3- चीनी मिल कायमगंज 8009214017
जिला गन्ना अधिकारी ने अंत में दोहराया कि समय पर हस्तक्षेप ही गन्ना फसल को बचाने का सबसे बड़ा उपाय है। किसान भाइयों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस आपदा को अवसर में बदलें और सलाह के अनुसार कार्य करें।
