फर्रुखाबाद:जनपद में उर्वरक आपूर्ति पर सख्ती, 7 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त, एक निलंबित

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अगस्त 2025 जनपद में इस सप्ताह किसानों के लिए यूरिया, डीएपी, एनपीके और सुपर फॉस्फेट की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को किसी भी स्तर पर उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी प्रतिदिन सुबह जिला कृषि अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ उर्वरक आपूर्ति और वितरण की समीक्षा कर रहे हैं।

इस सप्ताह की उपलब्धता

यूरिया: 14,675 बोरी

सुपर फॉस्फेट: 16,000 बोरी

एनपीके: 28,120 बोरी

डीएपी: 33,080 बोरी

इसके अतिरिक्त सहकारिता क्षेत्र में यूरिया 5058 मैट्रिक टन, डीएपी 2585 मैट्रिक टन और एनपीके 2863 मैट्रिक टन उपलब्ध है, जिसका वितरण समितियों के माध्यम से किया जाएगा। वर्तमान में जनपद में निजी व सहकारिता क्षेत्र मिलाकर यूरिया 9867 मैट्रिक टन, डीएपी 7613 मैट्रिक टन, एनपीके 9289 मैट्रिक टन, पोटाश 2969 मैट्रिक टन और सुपर 4233 मैट्रिक टन उपलब्ध है।

★किसानों की शिकायत पर कार्रवाई

समाचार पत्र में उर्वरक की कमी और अधिक दाम वसूले जाने की शिकायत पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। जांच में यह पाया गया कि सिद्दीकी ट्रेडर्स गदनपुर-कमालगंज द्वारा यूरिया और डीएपी निर्धारित दर से अधिक दाम पर बेचा गया। इस पर जिलाधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। समुचित जवाब न देने की स्थिति में लाइसेंस समाप्त करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा निर्धारित से अधिक उर्वरक देने पर 7 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

★प्रशासन के निर्देश

उर्वरक बिक्री केवल किसानों की खतौनी, आधार और फसल विवरण देखकर ही की जाए।

विक्रेता किसी भी किसान पर अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग न करें।

बिक्री के समय पीओएस मशीन से रसीद अनिवार्य रूप से जारी की जाए।

निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने वालों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कार्रवाई होगी।

थोक विक्रेता यदि खुदरा विक्रेताओं पर टैगिंग थोपते हैं तो खुदरा विक्रेता तुरंत जिला कृषि अधिकारी को सूचित करें।

★किसानों से अपील

किसान भाई अपनी भूमि के अनुपात में ही उर्वरक लें और खरीदते समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। आलू की बुवाई को देखते हुए कृषि निदेशालय ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में डीएपी व एनपीके की आपूर्ति और बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

👉 प्रशासन ने साफ कहा है कि किसानों का शोषण करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जिले में उर्वरकों की आपूर्ति पर हर स्तर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।