फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़)19 जून 2025 जिले के समस्त खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 10 बोरी से अधिक यूरिया या डीएपी खाद की बिक्री अथवा खरीद करने वाले विक्रेताओं एवं किसानों की जांच की जाएगी। इसके लिए विशेष जांच टीमें गठित की जा रही हैं।
प्रशासन के निर्देशानुसार, यदि कोई किसान यह बताकर उर्वरक खरीदता है कि वह बटाई पर लिए गए खेत में इसका प्रयोग करेगा, तो विक्रेता को खेत मालिक का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लेना होगा। साथ ही, पीओएस मशीन में खेत मालिक का नाम और आधार नंबर दर्ज कर, खाद खरीदने आए व्यक्ति का अंगूठा लगवाकर ही वितरण किया जाएगा।
पीओएस मशीन पर उर्वरक वितरण करते समय किसान एवं अन्य (Other) विकल्पों में से ‘Other’ का चयन कर बटाईदार का पूरा विवरण दर्ज करना आवश्यक होगा। इसके बाद ही फसल एवं जोत की संस्तुत मात्रा के अनुसार अनुदानित उर्वरक का वितरण किया जाए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बटाईदार के नाम पर खाद वितरण का गलत प्रयोग या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित खुदरा विक्रेताओं पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम फर्जी खरीद, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन ने किसानों और विक्रेताओं दोनों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, अन्यथा कठोर दंड भुगतने के लिए तैयार रहें।
