फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 दिसंबर 2025 जनपद में उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग एवं अनावश्यक टैगिंग पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विक्रेता द्वारा किसानों को अधिक मूल्य पर खाद बेची गई अथवा मुख्य उर्वरक के साथ जबरन अन्य उत्पादों की टैगिंग की गई, तो संबंधित विक्रेता को सीधे जेल भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी प्रतिदिन सुबह जिला कृषि अधिकारी एवं उर्वरक से जुड़े समस्त अधिकारियों के साथ जनपद में उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और उपलब्धता की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा उर्वरक वितरण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी श्री बी.के. सिंह ने बताया कि माह दिसंबर 2025 में जनपद को निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। यूरिया का लक्ष्य 41,651 मीट्रिक टन के सापेक्ष 47,946 मीट्रिक टन (115%), डीएपी का लक्ष्य 13,927 मीट्रिक टन के सापेक्ष 25,666 मीट्रिक टन (184%), पोटाश 3,710 मीट्रिक टन के सापेक्ष 11,217 मीट्रिक टन (302%), एनपीके 16,987 मीट्रिक टन के सापेक्ष 30,999 मीट्रिक टन (182%) तथा सिंगल सुपर फास्फेट 11,196 मीट्रिक टन के सापेक्ष 18,801 मीट्रिक टन (168%) उपलब्ध कराया गया है।
इफको यूरिया की एक रैक जनपद को प्राप्त हो चुकी है, जिससे 29,720 बोरी यूरिया मिली है, जिसे सीधे सहकारी बिक्री केंद्रों को भेजा जा रहा है। इसके अलावा आगामी तीन दिनों में गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कंपनी की डीएपी 4,200 बोरी, एनपीके 19,140 बोरी, कृभको कंपनी की 29,400 बोरी यूरिया तथा मैट्रिक्स फर्टिलाइजर कंपनी की 51,445 बोरी यूरिया की रैक प्राप्त होगी। यह समस्त उर्वरक सीधे सहकारी एवं निजी बिक्री केंद्रों को आपूर्ति किए जाएंगे। साथ ही सड़क मार्ग से भी इंडोरामा कंपनी की यूरिया की आपूर्ति लगातार की जा रही है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय खतौनी एवं आधार कार्ड अवश्य साथ लेकर जाएं, जिससे भूमि के अनुपात में उन्हें उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। अब तक अधिक मात्रा में उर्वरक बेचने के मामलों में 07 लाइसेंस निरस्त, 22 लाइसेंस निलंबित तथा 01 दुकान सील की जा चुकी है। आगे भी नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और न ही कमी होने दी जाएगी। किसानों से आग्रह है कि वे अनावश्यक भंडारण न करें, आवश्यकता अनुसार उर्वरक लगातार उपलब्ध होता रहेगा। किसानों के हित में उर्वरकों की समुचित आपूर्ति एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
