फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 अक्टूबर 2025 मऊदरवाज़ा थाना क्षेत्र के चिलसरा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान छह महीने की बच्ची काव्या की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही और इलाज के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
मृतक बच्ची की दादी माया देवी ने बताया कि उनकी बहू सरिता देवी, पत्नी आकाश दिवाकर, निवासी लोग़पुर (कासगंज) भैया दूज के अवसर पर अपने मायके चंपतपुर (थाना शमशाबाद) आई हुई थीं। इसी दौरान बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे 26 अक्टूबर की दोपहर 1:30 बजे चिलसरा रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान 50 हजार रुपये न देने पर बच्ची को डिस्चार्ज करने से इनकार कर दिया। पहले दिन करीब 2300 रुपये की दवाएं भी खरीदी गईं, लेकिन अस्पताल की ओर से उसका कोई बिल नहीं दिया गया। माया देवी के अनुसार, जब उनके भाई भंवर पाल ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को 50 हजार रुपये दिए, तब भी डॉक्टर ने बच्ची को छुट्टी नहीं दी और कहा कि अगर किसी दूसरे अस्पताल में ले जाएंगे तो 4–5 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि यहां बच्ची 90% ठीक हो जाएगी।
लेकिन रात में बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और सुबह करीब 4:30 बजे उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी पर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह और बीबीगंज चौकी इंचार्ज नितिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वहीं, अस्पताल के डॉक्टर संतोष ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि परिवार अत्यंत गरीब है और उन्होंने 600 रुपये की जांच फीस तक नहीं ली, न ही अब तक किसी दवा या इलाज का शुल्क लिया गया है।
थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
