फर्रुखाबाद:”नारी शक्ति की प्रहरी” महिला पुलिस पंचायत: पुलिस अधीक्षक की नई पहल।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 जुलाई 2025 महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और जागरूकता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए फतेहगढ़ पुलिस ने “नारी शक्ति की प्रहरी- महिला पुलिस पंचायत” कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस पहल का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने किया, जिन्होंने ग्राम निनौआ स्थित प्राथमिक विद्यालय में इस जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यशाला में कोतवाली फतेहगढ़, महिला थाना तथा थाना साइबर क्राइम की सहभागिता रही। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री ऐश्वर्या उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर क्राइम अजय वर्मा, तथा डॉ. साक्षी दुबे सीएचसी कमालगंज ने भी अपने विचार एवं सुझाव साझा कर ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया।

कार्यक्रम की प्रमुख बातें:

1. महिला सुरक्षा और संवाद:

कार्यशाला में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और समाधान के लिए त्वरित दिशा-निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा से जुड़े विषय जैसे घरेलू हिंसा, दहेज, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, और साइबर क्राइम पर गहन चर्चा हुई।

2. साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण:

महिलाओं और युवतियों को बताया गया कि वे सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें, मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसे उपाय अपनाएं। साइबर क्राइम की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई।

3. यातायात और पथ सुरक्षा:

यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट उपयोग, रात्रिकालीन ड्राइविंग सावधानी, और बच्चों की सुरक्षा जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

4. बच्चों और बालिकाओं के लिए प्रेरणा:

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बालिकाओं और बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया गया। उन्हें पाठ्य सामग्री (किताबें, नोटबुक, पेंसिल) और चॉकलेट वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।

महिला बीट पुलिसिंग का विस्तार:

पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ ने बताया कि प्रत्येक बीट क्षेत्र में महिला आरक्षियों को नियुक्त किया गया है। इन महिला आरक्षियों के मोबाइल नंबर गाँव की महिलाओं व बालिकाओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे संपर्क कर सकें।

सभी महिला आरक्षियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन भ्रमण कर महिलाओं की समस्याओं को बीट बुक में अंकित करें और उनके समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई करें।

हर रविवार का संकल्प:

“नारी शक्ति की प्रहरी — महिला पुलिस पंचायत” कार्यक्रम के तहत प्रत्येक रविवार को अलग-अलग गाँवों में जाकर महिलाओं को इकठ्ठा किया जाएगा। वहाँ उनकी समस्याएं सुनी जाएँगी, जागरूकता कार्यशालाएं चलाई जाएँगी, और समाधान हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

नारी शक्ति की प्रहरी अभियान न सिर्फ महिला सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने का भी एक प्रभावशाली माध्यम बन रहा है।