फर्रूखाबाद: “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान की गोष्ठी — संपत्तियाँ लौटाने की पहल

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 दिसंबर 2025 आज जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गोष्ठी में, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में बैंकों, बीमा कंपनियों व अन्य वित्तीय संस्थाओं में वर्षों से बिना दावे (Unclaimed Deposit / Unclaimed Assets) पड़ी संपत्तियों को उनके सही हकदारों तक पहुँचाने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस अवसर पर उपस्थिति रही —Reserve Bank of India (RBI) के प्रतिनिधि, स्थानीय बैंक शाखाओं के जिला समन्वयक, ग्रामीण कृषि एवं विकास बैंक व जिला विकास प्रबंधक, उन वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व पुरुषों, जिन्होंने लंबे समय से अपने उत्तराधिकारियों द्वारा न लिए गए जमाओं/पॉलिसियों/अन्य संपत्तियों के लिए दावा किया था,

पत्रकार बंधु, बुद्धिजीवी व अन्य नागरिक।

दूर-दराज़ के ग्रामीण इलाकों से आए उन लोगों को, जिनके नाम पहले नहीं जुड़े थे, प्रमाण पत्र वितरित किए गए — यह प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करता है कि अब वे अपनी “अदावी राशि / संपत्ति” का दावा कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने बैंक समन्वयकों को निर्देश दिया कि किसी भी वरिष्ठ नागरिक या दावेदार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, और दावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए। साथ ही, बैंक जमा, बीमा, शेयर, म्यूचुअल फंड आदि सभी प्रकार की वित्तीय संपत्तियों के दावे स्वीकार किए जा सकते हैं — भले ही वे लंबे समय से बिना दावे पड़ी रही हों।

यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है

2025 में, RBI के अनुसार, यदि कोई बचत/करेंट खाता दस साल से निष्क्रिय रहे या किसी जमा प्रमाणपत्र / एफडी / पॉलिसी आदि का दावा 10 साल से नहीं हुआ हो, तो ऐसी राशि “Unclaimed Deposit / Unclaimed Assets” मानी जाती है। 

केंद्र सरकार तथा RBI ने 2025-26 के लिए एक विशेष योजना Scheme for Facilitating Accelerated Payout – Inoperative Accounts and Unclaimed Deposits शुरू की है, जिसके तहत बैंक सक्रिय रूप से ऐसे दावों का निस्तारण करें। 

परिणामस्वरूप — अप्रैल 2022 से नवंबर 2025 तक — 3.3 मिलियन से अधिक निष्क्रिय खातों/दावों का निपटारा हुआ, और लगभग ₹10,297 करोड़ राशि वापस दावेदारों व उनके उत्तराधिकारियों को लौटाई गई। 

फर्रूखाबाद की गोष्ठी — स्थानीय स्तर पर जागरूकता व राहत

आज की गोष्ठी से यह संदेश गया कि न सिर्फ बड़े शहरों में, बल्कि छोटे जिलों व ग्रामीण इलाकों में भी “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान सक्रिय है।

दूर-दराज़ के दावेदार जो अपने जमाओं, पॉलिसियों या अन्य वित्तीय निवेशों के बारे में भूल गए थे — उन्हें अब पुनः दावा करने का मौका मिला है, जिनके चेहरे प्रमाणपत्र पाकर खिल उठे।

बैंक समन्वयकों व अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दावेदारों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों या बुजुर्गों, को किसी प्रकार की जिज्ञासा या असुविधा न हो — दावे प्राथमिकता पर शीघ्र निस्तारित होंगे।