फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 नवम्बर 2025 कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर जनपद फतेहगढ़ में भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़े स्तर पर यातायात डायवर्जन (Route Diversion) लागू किया है। यह व्यवस्था 4 नवंबर 2025 की शाम 4:00 बजे से 5 नवंबर 2025 की शाम 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, विभिन्न मार्गों पर निम्नलिखित रूट डायवर्जन लागू रहेगा —
निर्धारित रूट डायवर्जन योजना
(1) कन्नौज से कानपुर रोड होकर फतेहगढ़ आने वाले मालवाहक वाहन (ट्रक, टैंकर, डीसीएम, डंपर, लोडर आदि) को गुरसहायगंज (जनपद कन्नौज) से ही छिबरामऊ दिशा में डायवर्ट किया जाएगा।
(2) छिबरामऊ से जहानगंज मार्ग होते हुए फतेहगढ़ की ओर आने वाले भारी वाहनों को छिबरामऊ (कन्नौज) से बेबर (मैनपुरी) की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
(3) बेबर (मैनपुरी) से फतेहगढ़ आने वाले भारी वाहनों को बेबर में ही रोक दिया जाएगा।
(4) जनपद एटा की ओर से फतेहगढ़ आने वाले ट्रक, टैंकर आदि को बिराहिमपुर अलीगंज बॉर्डर (जनपद एटा) पर ही रोक दिया जाएगा।
(5) शाहजहाँपुर और बरेली दिशा से फतेहगढ़ की ओर आने वाले भारी वाहनों को थाना अल्लागंज और हुल्लापुर (जनपद शाहजहाँपुर) में रोका जाएगा।
साथ ही जरियनपुर चौराहे से ढाईघाट (शमशाबाद) की ओर आने वाले वाहनों को जरियनपुर (शाहजहाँपुर) पर ही रोक दिया जाएगा।
(6) हरदोई की दिशा से आने वाले भारी वाहनों को रूपापुर, थाना सवायजपुर (जनपद हरदोई) में रोकने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की अपील
जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन रूट का पालन करें, ताकि यातायात सुचारू रहे और कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
साथ ही, हल्के वाहन और स्थानीय यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा ताकि किसी प्रकार का जाम या अव्यवस्था न उत्पन्न हो।
विशेष सूचना:
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह रूट डायवर्जन सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से अनिवार्य किया गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण और डायवर्जन पालन की सख्त निगरानी करें।
