फर्रुखाबाद: व्यावसायिक वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य, नियमों का उल्लंघन पर ₹10,000 जुर्माना — 2 वाहन सीज

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 नवंबर 2025 एआरटीओ कार्यालय में आज परिवहन व्यवसायियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें एआरटीओ प्रवर्तन श्री सुभाष राजपूत द्वारा सभी व्यावसायिक वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों से अवगत कराया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्त व्यावसायिक वाहनों पर एआईएस-090 और एआईएस-089 मानक के अनुसार रिफ्लेक्टिव टेप एवं रियर मार्किंग टेप लगाना अनिवार्य है।

उन्होंने चेतावनी दी कि बिना रिफ्लेक्टिव टेप वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा, साथ ही ऐसे वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यवाही की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। मानक के अनुपालन न करने पर दो वाहनों को सीज भी किया गया है।

कोहरे के मौसम में सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश

श्री राजपूत ने बताया कि सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और कोहरा बढ़ने से दृश्यता कम होती जा रही है। ऐसे में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सभी व्यावसायिक वाहन स्वामी अपने वाहनों पर मानक के अनुरूप टेप तत्काल लगवा लें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।

किन वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य?

केंद्रीय मोटरयान नियमावली के अनुसार निम्न सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टिव एवं रियर मार्किंग टेप लगाना आवश्यक है—ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, सभी प्रकार के माल वाहन, यात्री वाहन — मोटर कार, ओमनी बस, मिनी बस, कृषि ट्रैक्टर, पावर ट्रेलर, ट्रेलर, निर्माण उपकरण वाहन

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एआईएस-090 एवं एआईएस-089 मानक के तहत उपयोग किए जाने वाले टेप एआरएआई पुणे, सीआईआरटी पुणे, आईसीएटी मानेसर तथा वीआरडीई अहमदनगर द्वारा अनुमोदित होने चाहिए।

बढ़ती दुर्घटनाएँ चिंताजनक

बैठक में मौजूद टीएसआई श्री सतेंद्र कुमार ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 तक जनपद में 397 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 227 लोगों की मौत हुई तथा 312 लोग घायल हुए।

भारत सरकार के अनुसार, मृतकों में लगभग 20% पैदल यात्री होते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट और सतर्क ड्राइविंग के महत्व पर जोर दिया। मोबाइल फोन का वाहन चलाते समय उपयोग न करने की भी सख्त चेतावनी दी गई।

श्री राजपूत ने आगे बताया कि जनपद में घटित लगभग 65% दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन शामिल होते हैं, जबकि मृतकों में लगभग 60% दोपहिया वाहन सवार होते हैं।

सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। सभी वाहन स्वामियों से नियमों के पालन की अपील की गई है।