फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 अगस्त 2025 जनपद की मोहम्मदाबाद स्थित हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया एक बार फिर तेज होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह द्वारा नागर विमानन मंत्री भारत सरकार राममोहन नायडू किंजरापु को लिखे गये पत्र के उत्तर में केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इस कार्य के लिए राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
नागर विमानन मंत्रालय की ओर से भेजे गये पत्र (दिनांक 16 अगस्त 2025) में बताया गया कि फर्रुखाबाद हवाई पट्टी राज्य सरकार के अधीन है। ‘उड़ान 5.2’ योजना के अंतर्गत यहां से 20 से कम सीटों वाले छोटे विमानों के परिचालन हेतु बोलियां प्राप्त हुई हैं। इसी क्रम में मंत्रालय द्वारा 17 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया गया था कि इस हवाई पट्टी को बाधामुक्त, निःशुल्क और भविष्य में विस्तार योग्य भूमि के रूप में उपलब्ध कराया जाए।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उपलब्ध 1228 मीटर × 24 मीटर का रनवे 2बी श्रेणी के विमानों के लिए अपर्याप्त है। मास्टर प्लान के अनुसार रनवे को 1500 मीटर तक विस्तारित करने तथा टर्मिनल भवन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने राज्य सरकार को 1 जून 2024 को भेजे पत्र में बताया कि मौजूदा हवाई पट्टी मात्र 20 एकड़ भूमि में सीमित है और इसके चारों ओर कई प्रकार की बाधाएं हैं। ऐसे में यहां विस्तार की संभावना कम है। प्राधिकरण ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार अन्य उपयुक्त स्थान पर नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए भूमि चिह्नित कर आरक्षित करे।
अब नजर राज्य सरकार पर है कि वह फर्रुखाबाद में हवाई अड्डे के विकास के लिए नई भूमि उपलब्ध कराकर इस परियोजना को मूर्त रूप देती है या नहीं। यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो फर्रुखाबाद जिले को क्षेत्रीय हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा और व्यापार, पर्यटन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
यह खबर फर्रुखाबाद के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से स्थानीय लोग हवाई अड्डे की सुविधा की मांग करते आ रहे हैं।
