फर्रुखाबाद पुलिस को बड़ी सफलता: दो पुराने संगीन मामलों में आरोपियों को कड़ी सज़ा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 नवंबर 2025 पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. लखनऊ के निर्देश पर अपराधियों को अधिक से अधिक सज़ा दिलाने हेतु लगातार प्रभावी पैरवी करते हुए फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष एवं कोर्ट पैरोकारों ने दो महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। दोनों ही मामलों में अदालत ने आरोपियों को कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

पहला मामला : कायमगंज कोतवाली – मु0अ0सं0 1192/2005

अभियुक्तगण –1. कौशल कुमार उर्फ कैलाश चन्द्र पुत्र सुभाष चन्द्र, 2. अवलोक उर्फ निश्चल पुत्र सुभाष चन्द्र, 3. राजवती पत्नी सुभाष चन्द्र

निवासी – नरसिंहपुर, कोतवाली कायमगंज, जनपद फतेहगढ़। इन अभियुक्तों के विरुद्ध वाद संख्या 315/2006 धारा 452, 325, 506 भा.दं.वि. में मुकदमा पंजीकृत था। विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।

फतेहगढ़ पुलिस टीम, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी के बाद मा० एडीजे-08 कोर्ट ने दिनांक 28.11.2025 को निर्णय सुनाते हुए––

अभियुक्त कौशल, अवलोक को 05 वर्ष का कारावास व 30-30 हजार रुपये अर्थदंड, अभियुक्ता राजवती को 03 वर्ष का कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सज़ा सुनाई।

एडीजीसी – श्री अभिषेक कुमार

पैरोकार – का० विवेक कुमार

दूसरा मामला : मोहम्मदाबाद कोतवाली – मु0अ0सं0 506/1992

अभियुक्तगण –

रामबाबू, रामदीन, बादाम सिंह, रामरतन, रुकमंगल, अमरसिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर, हरिश्चन्द्र – सभी निवासी लुखरियाई, कोतवाली मोहम्मदाबाद, जनपद फतेहगढ़।

इनके विरुद्ध वाद संख्या 11/1997 धारा 395, 397, 332, 353, 504, 342, 427 भा.दं.वि. व 7 सी.एल.ए. एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत था। विवेचना पूर्ण होने पर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।

मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष के अथक प्रयासों तथा कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मा० एडीजे-तृतीय कोर्ट द्वारा दिनांक 28.11.2025 को––सभी अभियुक्तों को 03 वर्ष 06 माह कठोर कारावास व 05-05 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

एडीजीसी – श्री अनुज प्रताप सिंह

कोर्ट मोहर्रिर – हे0का0 हरवेन्द्र सिंह

पैरोकार – का० गुलाम गौस

पुलिस महानिदेशक के निर्देशों का सफल पालन

दोनों प्रकरणों में फतेहगढ़ पुलिस टीम तथा अभियोजन अधिकारियों द्वारा की गई सशक्त पैरवी ने यह सुनिश्चित किया कि आरोपी कानून की पकड़ से बच न सकें। पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के अनुरूप अपराधियों को अधिकतम सज़ा दिलाने का यह प्रभावी उदाहरण है। फतेहगढ़ पुलिस की यह उपलब्धि न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत करती है और अपराधियों को स्पष्ट संदेश देती है कि अपराध कर बचना अब संभव नहीं।