फर्रुखाबाद:कांवड़ यात्रा व मुहर्रम को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक, डीएम ने दिए निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 जुलाई 2025 जनपद में आगामी कांवड़ यात्रा एवं मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाले सभी गड्ढों को तत्काल, यानी कल ही भरवाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ मार्गों पर लगने वाली दुकानों द्वारा अतिक्रमण न किया जाए और किसी भी स्थिति में मांस की दुकानें मार्ग पर न खुलें।

उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराने, विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, घाटों पर बैरीकेडिंग, लाइटिंग और सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि गंगा घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जाए क्योंकि अन्य जनपदों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

 डीजे के इस्तेमाल को लेकर भी डीएम ने दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ध्वनि स्तर उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार ही हो, कोलाहल रहित एवं अश्लीलता मुक्त पर्व मनाया जाए। केवल सुमधुर, धीमा एवं भक्ति संगीत बजाया जाए। डीजे वाहन में केवल दो स्पीकर ही मान्य होंगे—एक ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ और दूसरा न हो। अन्यथा डीजे जप्त कर पुलिस लाइन में रखा जाएगा।

उन्होंने सिंगीरामपुर में कांवड़ मार्ग पर खड़े पीपल के पेड़ को हटवाने के निर्देश दिए जिससे जाम की स्थिति न बने। कायमगंज व अन्य प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और पुराने कैमरों को सक्रिय करने पर भी ज़ोर दिया गया। गंगा पुल के दोनों ओर और दुर्वासा ऋषि आश्रम जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित प्रधान अपने क्षेत्र में सेवा बूथ बनवाएं और स्वयंसेवकों की तैनाती करें ताकि जरूरत पड़ने पर सहयोग मिल सके। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि तारों को व्यवस्थित करें और विद्युत कीलों पर पॉलिथीन बांध दें ताकि कोई दुर्घटना न हो। मुहर्रम पर्व को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यह पर्व भी शांति एवं सद्भाव के साथ सम्पन्न हो। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और समय से सभी तैयारियां पूर्ण कराएं।