फर्रुखाबाद:फतेहगढ़ फायर स्टेशन में मॉक ड्रिल का आयोजन, आग से बचाव के बताए गए व्यावहारिक उपाय

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 जनवरी 2026 आज पुलिस फायर स्टेशन फतेहगढ़ में नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आमजन को आग से बचाव, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और प्राथमिक उपचार की जानकारी देना रहा।

मॉक ड्रिल के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी आशीष वर्मा ने आग लगने के कारणों और उसके प्रकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग एक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें ईंधन, ऑक्सीजन और ताप—इन तीन तत्वों का होना आवश्यक है। इनमें से किसी एक तत्व को हटाकर आग को बुझाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि आग मुख्य रूप से तीन प्रकार के ईंधनों—ठोस, द्रव और गैस—में लगती है। ठोस पदार्थों में आग लगने पर ऊष्मा का संचालन होता है, द्रव में संवहन और गैस में रेडिएशन की प्रक्रिया होती है। सोडियम, मैग्नीशियम और एल्यूमिनियम जैसी धातुएं भी आग के लिए ईंधन का काम करती हैं।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि द्रव में लगने वाली आग को फोम या बालू से बुझाया जा सकता है। घरेलू स्तर पर लगने वाली अधिकांश आग को एबीसी प्रकार के अग्निशमन सिलेंडर से बुझाया जा सकता है, जिसमें सूखा रासायनिक पाउडर भरा होता है। उन्होंने बताया कि एबीसी सिलेंडर का उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है और प्रयोग से पहले यह देखना आवश्यक है कि उसका इंडिकेटर हरा हो, लाल इंडिकेटर होने पर उसका प्रयोग वर्जित है।

उन्होंने आग बुझाने की प्रक्रिया को प्रायोगिक रूप से समझाते हुए बताया कि सिलेंडर का नोजल लॉक तोड़कर पिन निकालें, स्विच खोलें और झाड़ू लगाने की तरह आग की जड़ पर स्प्रे करें।

एलपीजी सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में रेगुलेटर पर पीछे से आगे की ओर उंगली रखने, जलते सिलेंडर पर उल्टी बाल्टी रखने, भीगा कंबल या गीली फूल झाड़ू रखने से आग बुझाई जा सकती है, क्योंकि इससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है।

बड़े क्षेत्र में आग लगने पर 112, 100, 101 पर कॉल करने के साथ-साथ अग्निशमन विभाग के मोबाइल नंबर 9454418424 और 9454418423 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।

इसके अलावा आपात स्थिति में घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने, सीपीआर देने, मुंह से ऑक्सीजन सप्लाई देने और घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की विधियां भी सिखाई गईं।

इस अवसर पर नागरिक सुरक्षा अधिकारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी एवं आपदा मित्र उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के माध्यम से उपस्थित लोगों को आपदा के समय संयम, सतर्कता और सही जानकारी के महत्व से अवगत कराया गया।