फर्रुखाबाद:राजेपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय राजेपुर में पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए दिया डायरिया रोकथाम का संदेश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 फरवरी 2026 स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में गांधी ब्लॉक राजेपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय राजेपुर में सोमवार को “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर, रोल प्ले और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के माध्यम से समुदाय में डायरिया रोकथाम एवं प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

प्रतियोगिता में विद्यालय की 66 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में कक्षा-7 की प्रियंका ने प्रथम, कक्षा-8 की सुप्रिया ने द्वितीय और कक्षा-8 की हिमशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा-7 की प्रिया एवं कक्षा-8 की अपूर्वा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन Population Services International India (पीएसआई इंडिया) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की डॉ. प्रतिभा एवं डॉ. क्षमा चतुर्वेदी ने छात्राओं को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डॉक्टरों ने बताया कि यदि बच्चे को दिन में तीन बार से अधिक पतले दस्त हों, अत्यधिक प्यास लगे और आंखें धंसी हुई प्रतीत हों, तो यह डायरिया के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस का घोल देना शुरू करें और दस्त रुकने तक जारी रखें। ओआरएस और जिंक की गोलियां स्थानीय एएनएम या आशा कार्यकर्ता से प्राप्त की जा सकती हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों का समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। रोटावायरस टीका और विटामिन-ए का सेवन डायरिया से बचाव में सहायक है। भोजन को ढककर रखना, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करना और पानी निकालने के लिए डंडीदार लोटे का प्रयोग करना संक्रमण से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। छह माह से छोटे बच्चों को दस्त होने पर भी स्तनपान जारी रखना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आरबीएसके टीम द्वारा 66 बालिकाओं का ब्लड प्रेशर, आंखों एवं हीमोग्लोबिन की जांच की गई तथा आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया।

ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएसआई इंडिया एवं केनव्यू के सहयोग से “डायरिया से डर नहीं” अभियान फर्रुखाबाद सहित प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और दस्त प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से राज आर्यन अग्निहोत्री, श्वेता सागर, अध्यापिका श्वेता मिश्रा, शिवकीर्ति बघेल, देवेश कुमार, अरुणा राठौर सहित अन्य शिक्षिकाएं एवं पीएसआई इंडिया से अमरीश कुमार पाण्डेय, अनुपम मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

समुदाय में जागरूकता ही डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है, और ऐसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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