फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 अगस्त 2025 जनपद के इतिहास में पहली बार हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में शुक्रवार को नाला बघार स्थित विवादित भूमि की पैमाइश कराई गई। यह पैमाइश भाजपा सांसद मुकेश राजपूत और मौरम व्यापारी विक्रांत सिंह उर्फ राना सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद को लेकर कराई गई।
न्यायिक व प्रशासनिक अमले की मौजूदगी
पैमाइश के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, एसडीएम सदर रजनीकांत, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, महिला थानाध्यक्ष रक्षा सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। न्यायपालिका के अमीन शिवम पांडेय ने न्याय विभाग की टीम के साथ जमीनी पैमाइश का काम किया।
तकनीक से हुई पैमाइश
नाला बघार जाने वाले गढ़िया रोड के दोनों ओर दोपहर से लेकर देर शाम तक पैमाइश की गई। इस दौरान कार्यवाहक तहसीलदार सनी कनौजिया, कानूनगो कुलदीप शुक्ला, अजीत द्विवेदी, जबर सिंह, लेखपाल अनिल वर्मा, संजीव दुबे आदि कर्मचारी भी सहयोग में लगे रहे।
जरीब से नाप-जोख करने के साथ-साथ लखनऊ की टीम ने डीजीपीएस तकनीक से भी पैमाइश की पुष्टि की और जमीन का नक्शा तैयार किया। नाप के दौरान सीमांकन स्थल पर डंडे गाड़कर लाल झंडियां लगाई गईं।
पक्षकार और याचिकाकर्ता भी रहे मौजूद
पैमाइश के दौरान जनहित याचिका दायर करने वाली श्रीमती मधुबाला सिंह, व्यापारी विक्रांत सिंह उर्फ राना सरकार, सांसद मुकेश राजपूत के भतीजे राहुल राजपूत, सतीश राजपूत, लोधी समाज जिलाध्यक्ष परसोत्तम वर्मा, अधिवक्ता प्रवीन सक्सेना समेत कई लोग मौके पर उपस्थित रहे।
व्यापारी विक्रांत सिंह का दावा
मीडिया से बातचीत में व्यापारी विक्रांत सिंह ने बताया कि शाम 7:30 बजे तक पैमाइश चली और इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी। उन्होंने कहा—”हाईवे की पुलिया के पास राजस्व रिकॉर्ड में मेरे खेत की चौड़ाई 96 फीट दर्ज है। आज की पैमाइश में 40 फुट चौड़ा नाला मेरी जमीन में पाया गया है।”
“नाले की पूर्वी ओर सांसद मुकेश राजपूत के खेत में भी मेरी 40 फुट जमीन मिली है। कुल मिलाकर करीब एक बीघा जमीन पर कब्जे से मुझे नुकसान हो रहा है।”
व्यापारी का कहना है कि अदालत के आदेश पर उनकी पूरी जमीन वापस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा और साथ ही रानी अवंती बाई की मूर्ति स्थापना का मार्ग भी खुल जाएगा।
4 सितंबर को होगी सुनवाई
पैमाइश पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट अब हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 4 सितंबर 2025 तय की गई है।
चर्चा में मामला
जनपद में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि इतिहास में पहली बार हाईकोर्ट के आदेश पर न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई घंटे तक मौके पर रहकर पैमाइश कराई है। इससे न सिर्फ दोनों पक्षों की दावेदारी पर कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी बल्कि भविष्य में भूमि विवादों के निस्तारण की कार्यप्रणाली पर भी यह एक मिसाल बन सकता है।
