फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 सितंबर 2025 शहर के ठंडी सड़क स्थिति नवभारत सभा भवन में रविवार को एक भव्य साहित्यिक समारोह आयोजित हुआ, जिसमें ‘खंडकाव्य मेंहदी में तलवार’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर जिले और प्रदेश के गणमान्य साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
समारोह की अध्यक्षता प्रो. महेशचंद्र वर्मा ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारत सरकार के ज्वाइंट कमिश्नर अमरपाल सिंह लोधी ने कहा कि “कल्पनाओं की उड़ान केवल साहित्यकार ही कर सकता है। इस खंडकाव्य में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के शौर्य, पराक्रम और बलिदान का मार्मिक चित्रण किया गया है। 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी अवंतीबाई ने मेंहदी लगे हाथों में तलवार उठाकर अंग्रेजों को परास्त किया और मातृभूमि के लिए बलिदान दिया। युवा पीढ़ी को इस रचना को पढ़कर आत्मसात करना चाहिए।”
पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इतिहासकारों ने रानी अवंतीबाई के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं दिया, जबकि उनका शौर्य और बलिदान किसी भी तरह से रानी लक्ष्मीबाई से कम नहीं था। वहीं, पूर्व सांसद प्रो. रामबक्स वर्मा ने जोर देकर कहा कि रानी अवंतीबाई की जीवनी को देशभर के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को उनके साहस और त्याग की प्रेरणा मिले।
समारोह में महापौर शाहजहांपुर अर्चना वर्मा, लोधी महासभा के महामंत्री परशुराम वर्मा, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव, साहित्यकार अनन्या राजपूत, अमरपाल अमर, ब्रजकिशोर सिंह किशोर, डॉ. राजपाल सुमन, लक्ष्मी कांत अहिरवार, पुनीत राजपूत, डॉ. विवेक, सच्चिदानन्द लोधी, रामगोपाल वर्मा, नबाव सिंह, जनार्दन दत्त एडवोकेट, ओमप्रकाश राजपूत, मीडिया प्रभारी अरविन्द राजपूत, आनन्द राजपूत, राहुल राजपूत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने ‘मेंहदी में तलवार’ को केवल साहित्यिक कृति ही नहीं, बल्कि रानी अवंतीबाई लोधी के अदम्य साहस और बलिदान की जीवंत गाथा बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने लेखक और आयोजकों को बधाई दी और इस खंडकाव्य को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
