फर्रुखाबाद:बाईपास रोड चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय निवासियों का विरोध, 30 मीटर चौड़ाई की मांग

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 सितम्बर 2025 महानगर विकास योजना-2031 के तहत फर्रुखाबाद नगर में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर तैयारियाँ की जा रही हैं। इसी क्रम में ढिलावल नगला खैरबन्द से जसमई दरवाजा चौराहा तक बाईपास रोड के चौड़ीकरण का प्रस्ताव सामने आया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार इस मार्ग की चौड़ाई 52 मीटर निर्धारित की गई है। हालांकि, इस योजना का स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने कड़ा विरोध जताया है।

स्थानीयों की आपत्ति

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर बीते वर्षों में दुकानों और मकानों का निर्माण पूरी तरह हो चुका है।

किसानों ने अपनी भूमि स्वयं उपयोग में ली है अथवा प्लॉटिंग कर बेच दी है।

वर्तमान समय में सड़क से लगभग 50 फीट दूरी पर व्यवस्थित ढंग से भवन और दुकानें खड़ी हैं।

यह निर्माण सरकार की खरीदी गई भूमि से बाहर और सुरक्षित हिस्से पर हुआ है।

निवासियों का आरोप है कि अब अचानक 52 मीटर चौड़ीकरण लागू करने का प्रयास उन सभी भवनों और दुकानों को तोड़ देगा, जो वर्षों की मेहनत और पूंजी लगाकर बनाए गए हैं।

रोजगार और सामाजिक संकट की आशंका

लोगों का कहना है कि यदि चौड़ीकरण 52 मीटर तक किया गया तो सैकड़ों दुकानें और मकान जमींदोज हो जाएँगे। इससे न केवल करोड़ों रुपये की व्यक्तिगत सम्पत्ति नष्ट होगी, बल्कि बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएँगे। नवयुवकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे सामाजिक अस्थिरता और अपराध की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं।

निवासियों की मांग

स्थानीय निवासियों ने शासन-प्रशासन से स्पष्ट मांग रखी है कि—बाईपास रोड की चौड़ाई 52 मीटर न रखी जाए। इसे अधिकतम 30 मीटर तक सीमित किया जाए। इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर जनता को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाई जाए।

लोगों का कहना

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों का वे विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की आड़ में आमजन की आजीविका और वर्षों की मेहनत से अर्जित सम्पत्ति को नष्ट करना अन्यायपूर्ण है। यदि चौड़ीकरण 30 मीटर तक सीमित कर दिया जाए तो न सड़क निर्माण में कोई बाधा होगी और न ही जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

 यह खबर स्थानीय लोगों की भावनाओं और उनकी मांगों को दर्शाती है। सरकार और प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि विकास योजनाओं में जनता की वास्तविक समस्याओं और चिंताओं को प्राथमिकता दी जाए।