फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत 30 वर्ष पुराने बहुचर्चित माफिया हत्याकांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य स्तर पर चिन्हित कुख्यात माफिया अनुपम दुबे व उसके साथी बालकिशन उर्फ शिशु को जिला न्यायालय ने आजीवन कारावास व प्रत्येक को 1 लाख 3 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
यह सजा दिलाने में पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ श्रीमती आरती सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी और अथक प्रयास निर्णायक साबित हुए। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक ने अभियोजन व पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
तीन दशक पुराना मामला
यह मामला वर्ष 1995 का है। कोतवाली फतेहगढ़ थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 333/1995 (वाद संख्या 384/2021) में धारा 147, 148, 302, 149 भादवि के तहत अनुपम दुबे और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगे थे। वर्षों की सुनवाई और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 27 अगस्त 2025 को ईसी एक्ट कोर्ट फर्रुखाबाद ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया।
“ऑपरेशन कन्विक्शन” के निर्देश
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुराने व गम्भीर मामलों में अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए थानाध्यक्षों और कोर्ट पैरोकारों को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में फतेहगढ़ पुलिस ने इस ऐतिहासिक फैसले को मुकम्मल अंजाम तक पहुँचाया।
सम्मान समारोह
फतेहगढ़ पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह व क्षेत्राधिकारी लाइन अजय कुमार वर्मा ने अभियोजन और पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एसपी ने कहा –“इस फैसले ने साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समन्वय व पेशेवर कार्यशैली से दुर्दांत अपराधियों को उनकी स्वाभाविक परिणति तक पहुँचाने में भी सक्षम है। इस पैरवी से अपराधियों में भय और जनता में विश्वास दोनों बढ़ा है।”
अभियोजन टीम
1. जिला शासकीय अधिवक्ता – सुदेश कुमार
2. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता – तेज सिंह
3. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता – हरिनाथ सिंह
4. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता – अभिषेक सक्सेना
5. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता – श्रवण कुमार
पुलिस टीम
1. निरीक्षक आमोद कुमार सिंह – प्रभारी माफिया सेल
2. निरीक्षक रनविजय सिंह – प्रभारी कोतवाली फतेहगढ़
3. निरीक्षक गोविन्द हरि वर्मा – वाचक पुलिस अधीक्षक
4. उ0नि0 बलराज भाटी – पूर्व थानाध्यक्ष मऊदरवाजा
5. हे0का0 शैलेन्द्र सिंह – पैरोकार फतेहगढ़
6. हे0का0 श्याम सिंह – पैरोकार फतेहगढ़
7. हे0का0 अजय कुमार – मॉनिटरिंग सेल
8. हे0का0 सचेन्द्र सिंह – सर्विलांस सेल
9. का0 गौरव यादव – अभियोजन कार्यालय
जनता में भरोसा और अपराधियों में भय
इस ऐतिहासिक फैसले ने न केवल पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया, बल्कि आमजनमानस में पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास भी और मजबूत किया है। वहीं, दुर्दांत अपराधियों में यह संदेश गया है कि देर-सबेर उन्हें भी कानून के शिकंजे में आना ही होगा।
यह सफलता उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अपराधियों के खिलाफ और मजबूत कानूनी कार्रवाई की राह प्रशस्त करेगी।
