फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 अगस्त 2025 पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत फर्रुखाबाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। 30 वर्षों से लंबित चल रहे बहुचर्चित हत्या कांड में आखिरकार अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई गई।
मामला वर्ष 1995 का है, जब फतेहगढ़ में भरे बाजार PWD ठेकेदार शमीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस प्रकरण में कुख्यात राज्य स्तरीय चिन्हित माफिया अनुपम दुबे पुत्र स्व. महेश चन्द्र दुबे निवासी मोहल्ला कसरट्टा, थाना कोतवाली फतेहगढ़ तथा उसका साथी बालकिशन उर्फ शिशु पुत्र हृदय निवासी मानिकपुर विशु थाना इकदिल, जनपद इटावा मुख्य अभियुक्त बनाए गए थे। इनके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 333/1995, वाद संख्या 384/2021 धारा 147/148/302/149 भादवि में पंजीकृत हुआ था।
फतेहगढ़ पुलिस टीम/मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकारों तथा कोर्ट मोहर्रिर के अथक प्रयास और प्रभावी पैरवी के चलते दिनांक 27 अगस्त 2025 को मा. न्यायालय ईसी एक्ट कोर्ट, फर्रुखाबाद ने दोनों अभियुक्तों को दोष सिद्ध कर आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को ₹1 लाख 03 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस मामले में एडीजीसी श्री तेज सिंह, कोर्ट मोहर्रिर का. गौरव यादव एवं पैरोकार हे0का0 श्याम सिंह की विशेष भूमिका रही।
उल्लेखनीय है कि डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर समाज में कानून-व्यवस्था की साख को और मजबूत करना है।
30 साल बाद आए इस फैसले ने पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के साथ ही यह साबित कर दिया कि कानून के शिकंजे से अपराधी चाहे जितना समय निकल जाए, बच नहीं सकते।
