फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 अक्टूबर 2025 संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में चूहे एवं छछूदर से फैलने वाले खतरनाक रोगों की रोकथाम को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से लोगों को इन जीवों से फैलने वाले संक्रमण, उनकी सावधानियों और नियंत्रण उपायों की जानकारी दी जा रही है।
चूहे फसलों को बुवाई से लेकर अन्न भंडारण तक भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके साथ ही वे कई संक्रामक रोगों के वाहक भी हैं जो मनुष्यों तक पहुंचकर गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार चूहे और छछूदर से फैलने वाले प्रमुख रोगों में रोडेन्ट स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस (रेट फीवर) शामिल हैं।
1️⃣ रोडेन्ट स्क्रब टाइफस:
यह रोग चूहों के बालों और कानों में पाए जाने वाले चिगर्स (कीट) के काटने से फैलता है। यह ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुषी नामक बैक्टीरिया से होता है। संक्रमण के 6 से 21 दिन बाद इसके लक्षण दिखने लगते हैं — जैसे तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन और शरीर पर लाल दाने उभरना। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है।
2️⃣ लेप्टोस्पायरोसिस (रेट फीवर):
यह जीवाणु संक्रमण लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया से फैलता है, जो संक्रमित चूहों के मूत्र या मृत शरीर के संपर्क से मनुष्यों में पहुंचता है। दूषित पानी, मिट्टी या कीचड़ के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैल सकता है। इस रोग के लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द, लाल आंखें, भूख की कमी, उल्टी-दस्त, और गंभीर स्थिति में पीलिया तथा गुर्दा-लीवर को नुकसान शामिल है। बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से फैलती है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी जरूरी है।
नियंत्रण के उपाय और छह दिवसीय अभियान:
इन खतरनाक रोगों की रोकथाम के लिए सामूहिक स्तर पर चूहों और छछूदरों के नियंत्रण हेतु छह दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है—
1️⃣ पहला दिन: घरों एवं गोदामों का निरीक्षण कर चूहों के बिलों को चिन्हित करें और झंडे लगाएं।
2️⃣ दूसरा दिन: बंद बिलों से झंडे हटा दें, खुले बिलों में सरसों के तेल और भुने दाने का बिना ज़हर वाला चारा रखें।
3️⃣ तीसरा दिन: बिलों का पुनः निरीक्षण कर ताजा चारा रखें।
4️⃣ चौथा दिन: जिंक फास्फाइड (80%) की 1 ग्राम मात्रा को सरसों के तेल और भुने दाने में मिलाकर ज़हरीला चारा तैयार कर बिलों में रखें।
5️⃣ पांचवां दिन: मरे हुए चूहों को एकत्रित कर उन्हें जमीन में सुरक्षित रूप से दबाएं।
6️⃣ छठवां दिन: सभी बिलों को बंद करें और यदि नए बिल दिखाई दें तो साप्ताहिक रूप से यह प्रक्रिया दोहराएं।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घरों, खेतों और गोदामों को साफ-सुथरा रखें, जलभराव से बचें और किसी भी प्रकार के संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
साझा प्रयासों से ही संचारी रोगों को रोका जा सकता है। स्वच्छता, सतर्कता और सामूहिक भागीदारी से ही हम अपने परिवार और समुदाय को सुरक्षित रख सकते हैं।
