फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 अगस्त 2025 कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन और मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहन चर्चा हुई और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई ठोस निर्णय लिए गए।
जिले में बढ़ी सड़क दुर्घटनाएं
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बैठक में बताया कि जुलाई 2025 में जिले में 44 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 25 लोगों की मौत और 26 लोग घायल हुए। इस अवधि में जिले में सड़क हादसों की संख्या में 18.91% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि मृतकों की संख्या 19.04% बढ़ी है। वर्ष 2025 के जुलाई माह तक कुल 276 दुर्घटनाओं में 162 लोगों की जान गई और 235 लोग घायल हुए।
खास बात यह रही कि कुल हादसों में से 183 दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन शामिल थे। इनमें 105 बाइक सवारों की मौत हुई और 146 घायल हुए। यह आंकड़ा जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
‘‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’’ अभियान
शासन के निर्देश पर जिले में 01 से 30 सितंबर 2025 तक ‘‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’’ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर बिना हेल्मेट के आने वाले दोपहिया चालकों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
पेट्रोल पंपों पर 10×5 फीट आकार के “नो हेल्मेट, नो पेट्रोल – आपका जीवन है अनमोल” स्लोगन वाले होर्डिंग लगाए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि जिले में घटित कुल दुर्घटनाओं में लगभग 66% मामलों में दोपहिया वाहन शामिल रहते हैं और 65% मृतक बाइक सवार होते हैं।
राह-वीर योजना का प्रचार
बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘राह-वीर योजना’ को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
यह योजना 21 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
इसके अंतर्गत घायल को दुर्घटना के एक घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाना है।
हिट एंड रन पीड़ितों को मुआवजा
सड़क सुरक्षा समिति ने हिट एंड रन दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई।
2025 में जुलाई तक जिले में 62 हिट एंड रन केस सामने आए, जिनमें 56 लोगों की मौत और 30 घायल हुए।
इस संबंध में हिट एंड रन मुआवजा योजना 2022 के तहत पीड़ित परिवारों को राहत दी जाएगी।
मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख
गंभीर रूप से घायल होने पर ₹50,000 का प्रावधान है।
नकद रहित उपचार योजना
सड़क परिवहन मंत्रालय की “सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025” को लेकर भी अधिकारियों को जानकारी दी गई।
इसके तहत किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को 7 दिन तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
बीमित वाहन की स्थिति में भुगतान जनरल इंश्योरेंस काउंसिल द्वारा और बिना बीमा वाले वाहनों की स्थिति में भुगतान केंद्रीय बजट सहायता से किया जाएगा।
दुर्घटनाओं की समीक्षा
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में 265.22% वृद्धि हुई है।
राज्य मार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या में 25% की वृद्धि,
मुख्य जिला मार्ग पर 50% की वृद्धि देखी गई।
हालांकि, जुलाई 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग पर मृतकों की संख्या 20% घटी, लेकिन राज्य मार्गों पर यह 120% बढ़ी है।
अधिकारियों को मिले निर्देश
पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया कि सड़कों के किनारे की झाड़ियों और घास की सफाई की जाए ताकि दृश्यता की समस्या न हो।
पुलिस और परिवहन विभाग को प्रवर्तन कार्य तेज करने और हेल्मेट-सीट बेल्ट की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को छात्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल, जिला विकास अधिकारी श्याम तिवारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.सी. माथुर, अधिशासी अभियंता प्रा.ख. मुरलीधर, अधिशासी अभियंता नि.ख. अशोक कुमार, एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत, जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह, एनएचएआई के विश्वास मिश्रा, राजेश कुमार, दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
यह स्पष्ट है कि जिले में सड़क सुरक्षा की चुनौतियां गंभीर होती जा रही हैं। ‘‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’’ जैसे अभियान और राह-वीर जैसी योजनाएं यदि प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में निश्चित ही कमी आएगी।
