फर्रुखाबाद:हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सख्त रुख ,एसपी को प्रयागराज में रुकने का आदेश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 अक्टूबर 2025 इलाहाबाद उच्च न्यायालय में फर्रुखाबाद पुलिस से जुड़ी एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने बिना एफआईआर दर्ज किए हिरासत में रखे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्रुखाबाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

सूत्रों के अनुसार एसपी फर्रुखाबाद आरती सिंह अदालत में पेश हुईं, जहां अदालत ने उनसे विस्तृत जवाब मांगा। हालांकि, अदालत एसपी के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुई और राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अपर महाधिवक्ता (Additional Advocate General) ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

माननीय न्यायालय ने अगली सुनवाई कल दोपहर 12 बजे निर्धारित की है और आदेश दिया है कि एसपी फर्रुखाबाद आरती सिंह सहित अन्य संबंधित पुलिस अधिकारी व थाना प्रभारी प्रयागराज में ही रुकें, ताकि वे पुनः अदालत में उपस्थित हो सकें।

इस बीच, फतेहगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई उस खबर का खंडन किया है जिसमें यह दावा किया गया था कि अदालत ने एसपी को “हिरासत में लेने” का आदेश दिया है।

पुलिस मीडिया सेल ने स्पष्ट किया है कि अदालत ने केवल अगली सुनवाई तक एसपी को प्रयागराज में रुकने का निर्देश दिया है, न कि किसी प्रकार की गिरफ्तारी या हिरासत का आदेश।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, “कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। वास्तविक आदेश में सिर्फ अदालत में उपस्थिति और जवाब दाखिल करने का निर्देश है।”

हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता और पुलिस पक्ष दोनों उपस्थित रहेंगे, ताकि विस्तृत सुनवाई पूरी की जा सके।

🔹 मुख्य बिंदु संक्षेप में —

इलाहाबाद हाईकोर्ट में Habeas Corpus याचिका पर सुनवाई

बिना FIR हिरासत में रखने पर अदालत ने जताई नाराज़गी

एसपी फर्रुखाबाद आरती सिंह हुईं पेश, जवाब से कोर्ट असंतुष्ट

अपर महाधिवक्ता ने मांगा समय, कोर्ट ने दी मोहलत

कल दोपहर 12 बजे पुनः सुनवाई, सभी अधिकारी प्रयागराज में रहेंगे

फतेहगढ़ पुलिस ने गिरफ्तारी संबंधी अफवाहों का किया खंडन