फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 12 अगस्त 2025 गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जनपद के काशीराम कॉलोनी गढ़िया हैबतपुर समेत लगभग 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बीते तीन दिनों से यहां बाढ़ का पानी घरों और गलियों में भरा हुआ है, जिससे आमजन के साथ पशु-पक्षियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी लाखों की फसलें चौपट कर दी हैं। घरों में पानी घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। लोगों का कहना है कि पानी में जहरीले कीड़ों का खतरा बना हुआ है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अभी तक न तो कोई नेता, न मंत्री और न ही कोई समाजसेवी मौके पर हालात जानने आया है। एक ग्रामीण ने नाराजगी जताते हुए कहा, “चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन हमारी मुसीबत के समय कोई साथ नहीं देता।”
योगी सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण की बात कही जा रही है, लेकिन काशीराम कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। अभिषेक हसीन और सुशील कुमार सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मदद की गुहार लगाई है, ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके और जनजीवन सामान्य हो।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से फर्रुखाबाद के काशीराम कॉलोनी गढ़िया हैबतपुर समेत लगभग 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बीते तीन दिनों से यहां बाढ़ का पानी घरों और गलियों में भरा हुआ है, जिससे आमजन के साथ पशु-पक्षियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी लाखों की फसलें चौपट कर दी हैं। घरों में पानी घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। लोगों का कहना है कि पानी में जहरीले कीड़ों का खतरा बना हुआ है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अभी तक न तो कोई नेता, न मंत्री और न ही कोई समाजसेवी मौके पर हालात जानने आया है। एक ग्रामीण ने नाराजगी जताते हुए कहा, “चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन हमारी मुसीबत के समय कोई साथ नहीं देता।” योगी सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण की बात कही जा रही है, लेकिन काशीराम कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। अभिषेक हसीन और सुशील कुमार सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मदद की गुहार लगाई है, ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके और जनजीवन सामान्य हो।
