फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 जनवरी 2026 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद के अंतर्गत पराविधिक स्वयंसेवकों की मासिक समीक्षा बैठक आज जिला न्यायालय स्थित ए०डी०आर० भवन में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज कुमार द्वारा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए माननीय जनपद न्यायाधीश ने अधिकार मित्रों एवं पराविधिक स्वयंसेवकों को बताया कि वे समाज के वंचित, गरीब एवं कमजोर वर्ग को विधिक सहायता एवं जागरूकता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वयंसेवक लीगल एड क्लीनिकों तथा जनपद के विभिन्न विभागों में रहकर सुचारू रूप से कार्य करें और जरूरतमंदों को विधिक साक्षरता उपलब्ध कराएं।
बैठक में अवगत कराया गया कि मेला श्रीरामनगरिया, पांचाल घाट, फर्रुखाबाद में दिनांक 1 फरवरी 2026 को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम जनमानस को मुफ्त कानूनी सहायता एवं न्याय से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही मेले में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में प्रतिदिन आवश्यकता अनुसार विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह बैठक अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय कुमार (VI) के निर्देशन में प्रातः 10 बजे आयोजित की गई। सचिव द्वारा सभी उपस्थित पराविधिक स्वयंसेवकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी, निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करें तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं एवं सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
बैठक में श्री शिवनरेश सिंह (मुख्य लीगल एड डिफेन्स काउंसिल), श्री सुरेन्द्र कुमार (डिप्टी चीफ/अपर मुख्य लीगल एड डिफेन्स काउंसिल) एवं श्रीमती उमा मिश्रा (मध्यस्थ) द्वारा पराविधिक स्वयंसेवकों को विभिन्न कानूनी बिंदुओं पर प्रशिक्षण देकर मार्गदर्शन किया गया।
इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के न्यायाधीश भूदेव गौतम, कार्यालय लिपिक राम सिंह बाबूजी, वरिष्ठ अधिवक्ता उमा मिश्रा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा, सीता देवी, पराविधिक स्वयंसेवक सुबोध कुमार, मनोरमा, धनदेवी, नरेंद्र सिंह परिहार, संजय राजपूत, गौरव कुमार सहित अन्य स्वयंसेवक एवं मध्यस्थगण उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य पराविधिक स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों को और सुदृढ़ करना तथा आम जनता तक मुफ्त विधिक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना रहा।
