फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 नवम्बर 2025 संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फर्रुखाबाद इकाई ने आज कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और किसानों की समस्याओं व लंबित मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता छविनाथ शाक्य और संचालन गोपी शाक्य ने किया।
सरकार किसान को मजबूर न समझे — अजय कटियार
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसानों ने पांच वर्ष पहले जिस ऐतिहासिक आंदोलन को 380 दिनों तक दिल्ली की सीमाओं पर लड़कर जीता था, आज उसकी पांचवीं वर्षगांठ है। उस आंदोलन में 736 किसानों ने अपनी शहादत दी थी, तब जाकर सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा को दिए गए लिखित आश्वासन अभी तक पूरे नहीं किए गए।
कटियार ने कहा कि पिछले वर्षों में सरकार की नीतियों ने किसानों, कृषि मजदूरों और दिहाड़ी श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को और बदतर किया है। जीवनयापन की लागत तीन गुना बढ़ गई है, किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं, जबकि बड़ी कंपनियों के अरबों रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं।
सरकार गूंगी और बहरी — अरविंद शाक्य
प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य ने कहा कि यह सरकार किसानों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। किसान मजबूरी में सड़क पर उतरता है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक किसान आंदोलन की वर्षगांठ पर हम सभी शहीद किसानों को नमन करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि किसानों के हितों की लड़ाई जारी रहेगी।
कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मीशंकर जोशी ने कहा कि किसान आंदोलन ने देश में किसानों की एकता को नई दिशा दी। सरकार को किसानों की उपेक्षा करना अब भारी पड़ेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कई अहम मांगें रखीं—सभी फसलों के लिए एमएसपी गारंटी कानून लागू किया जाए। सभी ब्लॉकों में कृषि मंडियां स्थापित की जाएं। गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल किया जाए। गन्ना भुगतान ब्याज सहित तुरंत कराया जाए। किसानों व कृषि मजदूरों के लिए व्यापक ऋण माफी योजना लागू की जाए। किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए। ऊँची ब्याज दरों पर कर्ज वसूली रोकी जाए।
ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
कटियार ने पापियापुर ग्राम स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि विद्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग 730सी के किनारे स्थित है, जहाँ फेंसिंग और तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है।
उन्होंने माँग की कि विद्यालय के सामने ऊपरगामी पुल (ओवरब्रिज) का निर्माण कराया जाए।
कई पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेताओं में पूर्व मंडल सचिव अफरोज़ मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष कृष्णगोपाल मिश्रा, जिला महासचिव अभय यादव, सचिव सुग्रीव पाल, ब्रजेश यादव, पुजारी कटियार, विजय सिंह शाक्य, प्रेमचंद्र यादव, अरविंद गंगवार, राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, दिनेश सिंह गौर सहित विभिन्न ब्लॉकों और तहसीलों के पदाधिकारी शामिल रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
