फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 फरवरी 2026 बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, सहकारिता, मण्डी, मत्स्य, जल निगम, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक, फर्रुखाबाद द्वारा किसानों के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रगति पर है और सभी किसान अपनी एवं अपने परिवार के उन सदस्यों की भी रजिस्ट्री अवश्य कराएं जिनके नाम भूमि दर्ज है। साथ ही उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों के प्रयोग की अपील की तथा मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं सड़ी हुई गोबर की खाद के उपयोग पर जोर दिया।
पर्यावरण विशेषज्ञ श्रीमती गुंजा जैन ने किसानों को आलू की फसल में चेचक रोग से बचाव हेतु फसल चक्र अपनाने तथा बुवाई से पूर्व बीज शोधन करने की सलाह दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के प्रयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
प्रगतिशील कृषक श्री राममोहन दीक्षित ने मण्डी समिति सातनपुर में आलू की खरीद के दौरान मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यापारी व आढ़ती हाथ छिपाकर कीमत तय करते हैं, जिससे किसानों को वास्तविक दर का पता नहीं चल पाता। उन्होंने मांग की कि फसल का मूल्य खुली बोली के माध्यम से तय किया जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री अजय कटियार ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के सर्किल रेट को अत्यंत कम बताते हुए उसे बढ़ाने और बाजार मूल्य के चार गुना मुआवजे की मांग की।
कृषि विज्ञान केन्द्र, जाजपुर बंजारा के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने पशुपालन पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि दूध न देने की अवस्था में भी पशुओं को संतुलित आहार देना आवश्यक है, अन्यथा बाँझपन की समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि दूधारू पशुओं को प्रत्येक 3 लीटर दूध उत्पादन पर 1 किलोग्राम दाना दिया जाना चाहिए तथा दाना भिगोकर खिलाने की सलाह दी। पशुओं की नियमित देखभाल और साफ-सफाई पर भी विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी, फर्रुखाबाद ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने की अपील की और किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। किसान दिवस में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।
