फर्रुखाबाद:कमालुद्दीनपुर के विद्यालयों को ‘जर्जर’ दिखाकर गिराने के आदेश पर भड़के किसान नेता, बोले — यह बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साज़िश है

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 ग्राम कमालुद्दीनपुर ब्लॉक राजेपुर, तहसील अमृतपुर में प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों के संबंध में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि यहां के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर विद्यालय — जो कि सही और सुरक्षित अवस्था में थे — को कागज़ों में जर्जर दर्शाकर गिराने के आदेश जारी कर दिए गए। इस आदेश के बाद प्राथमिक विद्यालय की इमारत को तो गिरा भी दिया गया है, जबकि जूनियर विद्यालय को गिराने की तैयारी चल रही है।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष अजय कटियार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यालय की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया और अधिकारियों द्वारा किए गए निर्णय पर कड़ी नाराज़गी जताई।

अजय कटियार ने बताया कि विद्यालय की बिल्डिंग पूरी तरह मजबूत है, और उसमें बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित ढंग से हो सकती है। इसके बावजूद अधिकारियों ने बिना किसी निरीक्षण के भवन को “जर्जर” घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, विद्यालय के बच्चों को लगभग 2 किलोमीटर दूर ग्राम साथरा में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे छोटे बच्चों को रोज़ लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

अजय कटियार ने कहा: “यह किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा प्रतीत होता है। लगता है कि नौनिहाल बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। हम इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जांच की मांग करेंगे। बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

अधिकारियों ने दिखाई अनभिज्ञता

जब इस मामले में संबंधित शिक्षा अधिकारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस बात से अनभिज्ञता जताई कि विद्यालय की इमारत को कब और क्यों “जर्जर” घोषित किया गया। इससे प्रशासनिक लापरवाही और भी स्पष्ट होती है।

गौरतलब है कि खंड शिक्षा अधिकारी राजेपुर द्वारा जारी पत्र (संख्या 430/2025-26 दिनांक 31.08.2025) में विद्यालय को जर्जर स्थिति में बताते हुए संचालन अस्थाई रूप से अन्य विद्यालय में किए जाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है।

मौके पर उपस्थित रहे किसान नेता:

अजयपाल यादव (तहसील अध्यक्ष, अमृतपुर), अनीश सिंह, सोनू सोमवंशी, जय प्रकाश पाण्डेय, श्यामवीर सिंह, ओमकार वर्मा, अवधेश, अजीत सोमवंशी, रामसूरत, राजीव सिंह सहित अनेक किसान मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने बच्चों की शिक्षा बचाने की मुहिम का समर्थन किया।

स्थानीय जनता की मांग:

ग्रामवासियों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की बिल्डिंग का पुनः भौतिक निरीक्षण कराया जाए और अगर भवन सुरक्षित पाया जाए तो शिक्षण कार्य तत्काल यथास्थान शुरू कराया जाए।

यह मामला अब सिर्फ एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रश्न उठाता है कि कहीं प्रशासनिक लापरवाही या निजी हितों की वजह से ग्रामीण बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ तो नहीं किया जा रहा?

भाकियू टिकैत ने साफ कहा है —“जब तक बच्चों की शिक्षा सुरक्षित नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।”