फर्रुखाबाद:आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति में भाजपा पदाधिकारियों के परिजनों को तरजीह, पारदर्शिता पर उठे सवाल

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 अक्टूबर 2025 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जनपद में हुई 12 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नियुक्ति सूची में भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारियों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों के परिजनों के नाम शामिल होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, सांसद मुकेश राजपूत की पुत्री आरती देवी, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मयंक बुंदेला के भाई सुमित सिंह, भाजपा नेता एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) के पुत्र शुभम चित्रांश, भाजपा जिलाध्यक्ष की रिश्तेदार प्रियंका राजपूत, भाजपा नेता व ठेकेदार संजय झा की पुत्री अनुप्रिया झा, तथा भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अजीत पांडे के पुत्र प्रियंक पांडे सहित कई नाम सूची में शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ नियुक्तियां स्थानीय भाजपा विधायकों व नेताओं की पैरवी से हुई हैं। यहां तक कि पड़ोसी जिले के पूर्व सांसद एवं वर्तमान कैबिनेट मंत्री की सिफारिश को भी सर्वोच्च वरीयता दी गई, जिसके चलते शुभ्रा मिश्रा को भी नियुक्ति मिली।

जानकारी के अनुसार, कुल 109 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया था, जिनमें से कई दूरदराज के जिलों से आए थे। कई योग्य अभ्यर्थियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि योग्यता पूरी होने के बावजूद उन्हें केवल इस कारण नियुक्ति नहीं मिली क्योंकि उनके पास सत्ता पक्ष के नेताओं की पैरवी नहीं थी।

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” और “स्वच्छ एवं पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया” के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि “सबका साथ, सबका विकास” का नारा स्थानीय स्तर पर “सबका साथ, पर पदाधिकारी का विकास” बनकर रह गया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत एवं जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुपम बाजपेई समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

सांसद की पुत्री आरती देवी ने अपने पिता के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त किया तो सभागार तालियों से गूंज उठा। अब यह मामला जिले में राजनीतिक चर्चा और सवालों का विषय बन गया है।