फर्रुखाबाद: प्रभावी पैरवी से दो महत्वपूर्ण मामलों में आरोपियों को कठोर सजा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 नवंबर 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक, लखनऊ के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी अभियान लगातार परिणाम दे रहा है। पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकारों के संयुक्त अथक प्रयासों से जनपद फतेहगढ़ में दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों को कठोर दंड सुनाया है।

पहला मामला: हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास

कोतवाली फर्रुखाबाद के मु0अ0सं0-887/2021 (वाद संख्या 1007/2022), धारा 302/34, 201 भादवि में नामित अभियुक्त 1. धर्मेन्द्र चौहान पुत्र झब्बू, 2. उमा पत्नी धर्मेन्द्र चौहान, निवासी वेल्हा थाना कम्पिल, 3. सच्चिदानन्द उर्फ मनोज पुत्र रामरतन, निवासी नौगाई थाना छिबरामऊ, कन्नौज के विरुद्ध विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर के प्रभावी प्रयासों के बाद एडीजे-तृतीय कोर्ट ने दिनांक 27 नवंबर 2025 को तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर करार दिया।

सजा

आजीवन कठोर कारावास, 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड

पैरवी टीम

एडीजीसी: श्री अनुज प्रताप सिंह, कोर्ट मोहर्रिर: हे0का0 हरवेन्द्र सिंह, पैरोकार: का0 धर्मेन्द्र कुमार

दूसरा मामला: गैंगस्टर एक्ट में दो अभियुक्तों को 6-6 वर्ष की सजा, थाना शमसाबाद के मु0अ0सं0-241/2002 (वाद संख्या 290/2002) धारा 3(1) उ0प्र0 गैंगस्टर एक्ट में आरोपी 1. प्रदीप पुत्र रामऔतार, 2. राजपाल उर्फ राजू पुत्र डम्बर, निवासी रमापुर के विरुद्ध भी पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद स्पेशल गैंगस्टर कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

सजा

06-06 वर्ष का कठोर कारावास, 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड

पैरवी टीम

एडीजीसी: श्री राजीव कुमार सिंह, कोर्ट मोहर्रिर: हे0का0 राजेश कुमार, पैरोकार: हे0का0 प्रमोद कुमार

डीजीपी निर्देशों का प्रभाव साफ दिखा

दोनों मामलों में कड़ी पैरवी और समन्वित कार्रवाई से स्पष्ट है कि डीजीपी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुरूप अपराधियों को अधिकतम दंड दिलाने के लिए पुलिस एवं अभियोजन तंत्र अत्यंत सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

फतेहगढ़ पुलिस की लगातार मजबूत पैरवी से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई और पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।