फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जनवरी 2026 निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत संचालित आरटीई प्रवेश प्रक्रिया (शैक्षिक सत्र 2025–26) के संबंध में आज सायं 5:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा-1 एवं पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) में 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, आवेदन तिथियों, सत्यापन, लॉटरी एवं नामांकन की समय-सीमा की जानकारी दी गई।
आरटीई प्रवेश प्रक्रिया – चरणवार तिथियां
प्रथम चरण
आवेदन : 02 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026
आवेदन सत्यापन/लॉक : 02 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026
लॉटरी : 18 फरवरी 2026
नामांकन आदेश जारी करने की अंतिम तिथि : 20 फरवरी 2026
द्वितीय चरण
आवेदन : 21 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026
आवेदन सत्यापन/लॉक : 21 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026
लॉटरी : 09 मार्च 2026
नामांकन आदेश जारी करने की अंतिम तिथि : 11 मार्च 2026
तृतीय चरण
आवेदन : 12 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026
आवेदन सत्यापन/लॉक : 12 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026
लॉटरी : 27 मार्च 2026
नामांकन आदेश जारी करने की अंतिम तिथि : 29 मार्च 2026
पात्रता की श्रेणियां
आरटीई के अंतर्गत प्रवेश हेतु बालक/बालिका का दुर्बल वर्ग अथवा अलाभित समूह से होना अनिवार्य है।
अलाभित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शैक्षिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग बच्चे, एचआईवी अथवा कैंसर पीड़ित माता-पिता/अभिभावक के बच्चे तथा अनाथ बच्चे (चाहे वे बाल गृह में हों) शामिल हैं।
दुर्बल वर्ग में वे बच्चे शामिल हैं जिनके माता-पिता/संरक्षक अन्त्योदय (बीपीएल) कार्डधारक हैं, विकलांग/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्त करते हैं अथवा जिनकी वार्षिक आय अधिकतम ₹1,00,000 (एक लाख) तक है।
आयु सीमा
नर्सरी : 03 वर्ष या अधिक, 04 वर्ष से कम
एलकेजी : 04 वर्ष या अधिक, 05 वर्ष से कम
यूकेजी : 05 वर्ष या अधिक, 06 वर्ष से कम
कक्षा-1 : 06 वर्ष या अधिक, 07 वर्ष से कम
जिलाधिकारी के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि आरटीई योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र अभिभावकों तक पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ऑनलाइन आवेदन में सहायता के लिए विकासखंड एवं नगर क्षेत्र स्तर पर हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित की जाए। लॉटरी के माध्यम से विद्यालय आवंटन के पश्चात संबंधित निजी विद्यालय निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से बच्चों का नामांकन लें। साथ ही, यदि किसी अभिभावक द्वारा फर्जी या कूटरचित प्रमाण-पत्रों के आधार पर आवेदन किया गया पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
