फर्रुखाबाद: एसएन साध ट्रस्ट का दिव्यांग सहायता शिविर, अबकी बार छोटे बच्चों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 सितम्बर 2025 जिले में दिव्यांगजनों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर एस.एन. साध ट्रस्ट इस बार और भी बड़े स्तर पर समाज सेवा का कार्य करने जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से हर साल की तरह इस वर्ष भी 18, 19 और 20 सितंबर को निशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक एनएकेपी डिग्री कॉलेज के सामने सेवा केंद्र में आयोजित होगा।

दिव्यांगों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

शिविर की संयोजक डॉ. रजनी सरीन ने प्रेस वार्ता में बताया कि शिविर में अब तक कृत्रिम पैर और अन्य सहायक उपकरण ही उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन इस बार कटे हुए हाथ वाले दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ लगाए जाएंगे, जो बिल्कुल असली हाथ की तरह दिखेंगे और काम करेंगे। इसके अलावा, पोलियो ग्रस्त व्यक्तियों को कैलीपर, बैसाखी और कम सुनने वाले व्यक्तियों को कान की मशीनें दी जाएंगी।

डॉ. सरीन ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को आधार कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी अनिवार्य रूप से लाना होगा। वहीं, सुनने की मशीन पाने के लिए ओडियोमेट्री टेस्ट रिपोर्ट भी जरूरी होगी।

विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे मौजूद

शिविर में दिव्यांगों के इलाज और उपकरण वितरण के साथ-साथ विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी सेवाएं देंगे। इनमें

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुबोध कुमार वर्मा, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखर सक्सेना, फिजिशियन डॉक्टर शामिल रहेंगे।

छोटे बच्चों का मुफ्त ऑपरेशन

ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी राकेश साध ने बताया कि इस बार शिविर में 4 वर्ष की उम्र तक के उन बच्चों का चयन किया जाएगा जो सुनने में असमर्थ हैं। ऐसे बच्चों का दिल्ली के अस्पताल में मुफ्त ऑपरेशन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 4 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का ऑपरेशन संभव नहीं है।

शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण की भी योजना

श्री साध ने यह भी जानकारी दी कि ट्रस्ट गरीब बच्चों के लिए शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में कार्यरत है। इस वर्ष 240 गरीब बच्चों को कंप्यूटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1 अक्टूबर से इसका नया बैच शुरू होगा।

डॉ. सरीन और उनके परिवार की भूमिका

प्रेस वार्ता में डॉ. रजनी सरीन ने अपने बेटे डॉ. अंकित सरीन को मीडिया से परिचित कराया। अंकित ने कहा कि वे 20 साल से अमेरिका में रह रहे हैं और अहमदाबाद में होने वाली ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस में भाग लेने आए हैं। उन्होंने अपनी मां की समाज सेवा की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के कुपोषण को दूर करने के लिए बेटियों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।

डॉ. रजनी सरीन ने बताया कि वे हाल ही में 15 दिन अमेरिका में रहीं और वहां की नीतियों पर चर्चा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत नीति को गैर-गंभीर बताया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 11 सितंबर को पल्ला बाजार में कवियत्री महादेवी वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।

सहयोग की अपील

वार्ता में अभिव्यंजना के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह, वैभव राठौर और उदय बाथम भी मौजूद रहे। ट्रस्ट ने मीडिया और समाजसेवियों से शिविर को सफल बनाने और अधिक से अधिक दिव्यांगों को लाभ पहुंचाने में सहयोग की अपील की।