फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 अगस्त 2025 ग्राम पंचायत पुठरी में विकास कार्यों की घोर उपेक्षा के चलते ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की निष्क्रियता ने गांव को बदहाली की गर्त में धकेल दिया है। गांव की टूटी-फूटी सड़कों, गंदगी से अटी नालियों और जगह-जगह जलभराव ने पूरे गांव को बीमारियों का घर बना दिया है।
गांव में मच्छरों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इसके चलते डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। कई ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को बीते कुछ हफ्तों में तेज बुखार की शिकायत हुई है, लेकिन प्रशासन और पंचायत की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत करने पर सामने आया कि ग्राम प्रधान को कार्यभार संभाले लगभग चार वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन अब तक गांव में एक भी पक्की सड़क नहीं बनवाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आज भी दलदल और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामवासी राकेश कुमार (परिवर्तित नाम) ने बताया, “हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है। प्रस्ताव भेजने की बात कहकर टाल दिया जाता है। हमें लगता है जैसे हम किसी घने जंगल या वीरान इलाके में जी रहे हों।”
ग्राम प्रधान से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने जानकारी दी कि विकास कार्यों हेतु प्रस्ताव भेजा गया है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। वहीं, पंचायत सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई उत्तर नहीं मिला। इन हालातों में पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों — ग्राम प्रधान, सचिव, तथा ए.डी.ओ. पंचायत की जवाबदेही बनती है कि वे गांव की बुनियादी समस्याओं को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करें। अब सवाल ये उठता है कि क्या ग्राम पंचायत पुठरी के लोग इसी हाल में जीने को मजबूर रहेंगे, या जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देकर ग्रामीणों को राहत दिलाएगा ?
