फर्रुखाबाद: (द दस्तक 24 न्यूज़)10 अक्टूबर, 2025 आम आदमी पार्टी फर्रुखाबाद में इंजी नीरज प्रताप शाक्य के नेतृत्व में जोरदार धरना प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति महोदय को संबोधित यापन सिटी मजिस्ट्रेट को सोपा, ज्ञापन देने से पहले मार्च करते हुए जोरदार नारेबाजी की, आम आदमी का ऐलान ,नहीं सहेंगे दलित के बेटे का अपमान, दलित विरोधी यह सरकार , नहीं चलेगी नहीं चलेगी संविधान का अपमान नहीं, सहेगा हिंदुस्तान । संविधान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी। दलित सीजेआई के अपमान में, आम आदमी पार्टी मैदान में। जैसे नारे लगाए गए ।
पत्रकारों से बात करते हुए आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष इंजी नीरज प्रताप शाक्य ने बताया कि हम, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने के शर्मनाक और निंदनीय प्रयास की घटना पर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं। यह कृत्य न केवल देश के सर्वोच्च न्यायिक पद का घोर अपमान है, बल्कि यह भारत के संविधान, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
हमारा मानना है कि यह घटना एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसके पीछे समाज में घृणा और विभाजन फैलाने वाली भाजपा BJP सरकार और उसकी मातृ संस्था RSS काम कर रही हैं।
हमारी मुख्य चिंताएं और मांगें:
संवैधानिक पद का अपमान और घृणा की राजनीति:
मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति ने खुलेआम टेलीविजन पर अपने कृत्य पर गर्व व्यक्त किया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और कानून के शासन का खुला उल्लंघन है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर CJI के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और घृणित सामग्री (जैसे कि गले में हांडी बांधने के पुराने,अपमानजनक चलन की याद दिलाने वाले वीडियो) फैलाई गई, जो स्पष्ट रूप से दलितों और पिछड़ों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के इरादे से की गई।
यह देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे एक दलित के बेटे का जानबूझकर किया गया अपमान है, जिसे भाजपा (BJP) और उसके संरक्षण प्राप्त अराजक तत्वों द्वारा किया जा रहा है
सत्ताधारी पार्टी की संदिग्ध चुप्पी और संरक्षण
इस गंभीर संवैधानिक अपमान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और उसके प्रमुख नेताओं की लंबी और संदिग्ध चुप्पी अत्यंत चिंताजनक है
*जब सोशल मीडिया पर CJI के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करने वाला अजीत भारती सार्वजनिक रूप से ‘सरकार भी हमारी, सिस्टम भी हमारा’ जैसे बयान देता है और इसके बाद उसे थाने से छुड़ाकर भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता अपने साथ ले गया जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस नफरती कार्रवाई को मोदी सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है।
भाजपा सरकार की यह निष्क्रियता दर्शाती है कि वह जानबूझकर देश में जातिगत भेदभाव और संवैधानिक पदों के अपमान को बढ़ावा दे रही है
हमारी मांगें:
हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप संविधान की संरक्षक के रूप में तत्काल हस्तक्षेप करें और केंद्र सरकार को निम्नलिखित कार्रवाई करने का निर्देश दें:
तत्काल गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई: मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले शख्स को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी और न्यायिक कार्रवाई की जाए।
घृणित ट्रोल आर्मी पर कार्रवाई: मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक वीडियो और टिप्पणियां करने वाले सभी व्यक्तियों और ट्विटर हैंडल्स की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा:
देश की न्यायपालिका और संवैधानिक पदों की गरिमा की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के निंदनीय कृत्य दोहराए न जा सकें।
माननीय महोदया, यह देश के दलितों, पिछड़ों, संविधान और न्यायपालिका के सम्मान का मामला है। हम आशा करते हैं कि आप इस गंभीर मुद्दे की संवेदनशीलता को समझते हुए, संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा हेतु अविलंब कठोर कदम उठाएंगी।
आपकी त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा में इस धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ रवि शर्मा उपाध्यक्ष नवीन शाक्य , जिला सचिव साहब सिंह, अधिवक्ता प्रकोष्ठ महासचिव एडवोकेट प्रमोद प्रकाश सक्सेना, उपाध्यक्ष एडवोकेट अंकुश चौहान, जिला उपाध्यक्ष हरीकिशोर राजपूत, जगतपाल शाक्य, अभय कुमार यादव, आई टी सेल प्रभारी, अंकित शाक्य इंजीनियर अमरीश यादव, एडवोकेट बादाम सिंह, विजय सिंह शाक्य , युवा अध्यक्ष राघवेंद्र यादव आदि आदि लोग मौजूद रहे।
