फर्रुखाबाद:गुतासी बिजली घर पर भ्रष्टाचार चर्म पर, JE की मनमानी, उच्च स्तरीय जांच की मांग।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 जनपद के 33/11 के.वी. फीडर गुतासी से जुड़े बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगे हैं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभागीय कर्मचारी और अधिकारी बिजली चोरी के नाम पर धन उगाही में लिप्त हैं, जबकि बकायेदारों को नए कनेक्शन आसानी से रुपये लेकर जारी कर दिए जाते हैं।

FIR में विवाद

ग्राम गुतासी निवासी नन्हेंलाल की पत्नी आरती ने घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए 1 किलोवाट का ऑनलाइन आवेदन किया था। नियम के अनुसार आवेदन के चार दिन के अंदर सर्वे रिपोर्ट लगाकर, यदि कोई बकाया नहीं होता तो नया कनेक्शन जारी किया जाता। लेकिन उपभोक्ता का कहना है कि 20 जुलाई 2025 को बिना सर्वे रिपोर्ट लगाए, 29 जुलाई 2025 को JE कैलाश चन्द्र पाठक द्वारा सीधे FIR दर्ज करा दी गई।

ग्रामीणों ने इसे विभागीय मनमानी बताते हुए कहा कि जब बकाया न होने पर कनेक्शन मिलना चाहिए था, तब FIR दर्ज करना गलत है। वहीं, दूसरी तरफ आरोप है कि भारी बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं को विभाग रुपये लेकर नए कनेक्शन दे रहा है।

बकायेदारों को मिले नए कनेक्शन – ग्रामीणों की सूची

1. बाबूराम पुत्र सुक्खी लाल, ग्राम गुतासी – मीटर नम्बर 72509999, बकाया ₹70,000। नए कनेक्शन का नाम पत्नी सरिता के नाम पर।

2. मजीद खाँ, ग्राम रेहा पोस्ट गुतासी – AC.No.370705000, बकाया ₹1.70 लाख। फिर भी नया कनेक्शन शवोना बेगम के नाम पर।

3. अली रज्जाक खान, ग्राम रेहा – बिना मीटर बिजली चला रहे। विभाग ने नया मीटर लगाने की जिद की, जबकि पुराना मीटर भी सही है।

4. राजेश, ग्राम सरैया – मीटर विभाग में चढ़ा ही नहीं।

5. रमेश बाबू TG2 द्वारा धन उगाही – एक उपभोक्ता से चोरी के आरोप में ₹15,000 लिए गए।

6. अनिल कुमार, ग्राम सरैया – शुरुआत से बिना मीटर बिजली चला रहे। पकड़ने पर ₹25,000 लेकर छोड़ दिया गया।

7. समरपाल, रामनगर कुड़रिया – कटिया चोरी में पकड़ा गया, TG2 रमेश बाबू द्वारा ₹10,000 की मांग और बिजलीघर बुलाकर ₹7,000 लेकर मामला रफा-दफा।

गंभीर आरोप – धन उगाही और लूट

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारी उपभोक्ताओं को FIR की धमकी देकर अवैध वसूली करते हैं।

बिजली के अधिक बिल आने पर कोई संशोधन नहीं किया जाता।

अधिकांश मीटर खराब होने की सूचना देने के बाद भी नए मीटर नहीं लगाए जा रहे।

बकायेदारों के परिवार के अलग-अलग नामों पर धड़ल्ले से नए कनेक्शन दिए जा रहे।

ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने कहा कि विभाग के भ्रष्टाचार की वजह से ईमानदार उपभोक्ता परेशान हैं, जबकि बड़े बकायेदार और बिजली चोरी करने वाले रुपये देकर बच जाते हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं बल्कि पूरे जिले में व्याप्त व्यवस्था की हकीकत बताता है। सवाल उठता है कि जब नियम-कायदों का पालन करने वाला आम आदमी FIR और उत्पीड़न झेल रहा है, तो लाखों के बकायेदारों को नए कनेक्शन कैसे मिल रहे हैं?