फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 जुलाई 2025 सातनपुर मंडी में इस सप्ताह सब्जी बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां एक ओर हरी मिर्च की कीमतों ने रिकॉर्ड तेजी पकड़ी, वहीं आलू की हालत पतली होती जा रही है। तेज गर्मी और वर्षा की कमी के कारण हरी मिर्च का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिसके चलते आज थोक बाजार में मिर्च की कीमत 100 से 120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। फुटकर बाजारों में यह दर 150 से 200 रुपए प्रति किलो तक दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर, आलू किसानों और कोल्ड स्टोरेज संचालकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं। इस साल आलू की बाहर से मांग बेहद कम रही, जिससे कोल्ड स्टोरेज से निकासी भी प्रभावित हुई है। अब तक 10 जुलाई तक जहां हर साल 15 से 20 प्रतिशत आलू की निकासी हो जाती थी, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा महज 5 से 6 प्रतिशत पर अटका है।
मार्च महीने में जो आलू 1000 रुपए प्रति कुंतल के भाव पर बिक रहा था, वह अब मात्र 800 रुपए कुंतल तक सिमट गया है। इसमें से किसान को कोल्ड स्टोरेज किराया, बारदाना और अन्य खर्च घटाकर मुश्किल से 450 रुपए प्रति कुंतल ही प्राप्त हो रहे हैं। यह दर मंडी सीजन के मुकाबले आधे से भी कम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ हफ्तों में आलू के भाव में सुधार नहीं हुआ, तो नवंबर, दिसंबर और जनवरी में आने वाले कच्चे आलू सीजन में भारी मंदी देखने को मिल सकती है। इससे न केवल किसानों की कमर टूटेगी, बल्कि कोल्ड स्टोरेज संचालकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
स्थानीय व्यापारियों और किसान संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि आलू के लिए बाजार उपलब्ध कराया जा सके और किसानों को राहत मिल सके। सब्जी मंडी की मौजूदा स्थिति से साफ है कि उत्पादन से लेकर विपणन तक की नीतियों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
