फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 मार्च 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 लागू कर दी गई है। योजना के सफल संचालन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत, एआरएम-रोडवेज राजेश कुमार तथा जनपद के बस ट्रांसपोर्टर्स ने भाग लिया।
बैठक में एआरटीओ-प्रवर्तन ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत चयनित बसें संबंधित ब्लॉक की ग्राम पंचायतों से ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
इस योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाली बसें शामिल की जाएंगी। पंजीयन तिथि से 8 वर्ष तक की आयु वाली बसों का प्रथम अनुबंध 10 वर्ष के लिए किया जाएगा, जिसे बाद में 15 वर्ष की आयु सीमा तक बढ़ाया जा सकेगा।
एआरएम-रोडवेज के अनुसार आवेदन शुल्क 2000 रुपये प्रति आवेदन निर्धारित किया गया है। यह शुल्क सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, फर्रुखाबाद के पंजाब नेशनल बैंक शाखा फतेहगढ़ स्थित खाते में जमा कराया जा सकता है। आवेदन पत्र सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से प्राप्त कर विधिवत भरकर वहीं जमा करना होगा। चयनित बस के लिए वाहन स्वामी को 5000 रुपये की प्रतिभूति धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा।
योजना के अंतर्गत चालक और परिचालक वाहन स्वामी द्वारा नियुक्त किए जाएंगे तथा टिकट की धनराशि वसूलने का अधिकार भी उन्हीं के पास होगा। परिवहन निगम के संरक्षण एवं नियंत्रण में बस संचालन के लिए प्रति वाहन 1500 रुपये प्रतिमाह संरक्षण शुल्क देय होगा।
वाहन की फिटनेस, टैक्स अदायगी, चालक व परिचालक के लाइसेंस की वैधता की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी तथा दुर्घटना की स्थिति में भी समस्त दायित्व वाहन स्वामी का रहेगा। टिकट का किराया स्थानीय मांग के अनुसार वाहन स्वामी तय करेगा, लेकिन यह राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दर से अधिक नहीं होगा। वर्तमान में किराया दर 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित है।
इस योजना की एक विशेषता यह भी है कि इसके अंतर्गत बस संचालन के लिए परमिट की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के अंतर्गत अंतिम चयन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और एआरएम-रोडवेज की समिति द्वारा किया जाएगा। फिलहाल जनपद में 15 मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।
