फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 फरवरी 2026 लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आज जोरदार धरना–प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह यादव ने भाग लिया। जनपद में विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद सभी पदाधिकारी किसानों के साथ सदर तहसील फर्रुखाबाद पहुंचे।
धरने को संबोधित करते हुए बिजेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही जमीनों का मुआवजा सरकार बाजार भाव का चार गुना सर्किल रेट के आधार पर दे, अन्यथा फर्रुखाबाद का किसान अपनी जमीन नहीं देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को बेवजह परेशान किया गया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा। साथ ही संगठन के पदाधिकारियों को जिला प्रशासन द्वारा कथित रूप से धमकाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो रजिस्ट्रार कार्यालय पर ताला लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने भारत–अमेरिका कृषि समझौते के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।
जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि संगठन लिंक एक्सप्रेसवे का विरोध नहीं करता, लेकिन किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का अधिग्रहण स्वीकार्य नहीं होगा। यदि लेआउट में यूपीडा द्वारा संशोधन प्रस्तावित है तो बैनामे भी संशोधन के बाद ही किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैनामे नहीं रोके गए तो दोनों तहसीलों का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य और जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य ने भी किसानों के समर्थन में विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, देसराज सिंह, कानपुर मंडल पूर्व सचिव अफरोज मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मिश्रा, ब्रजेश गंगवार, संजीव सोमवंशी, अशोक यादव, जिला महासचिव अभय यादव, युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला सचिव पुजारी कटियार, सुग्रीव पाल, सुशील दीक्षित ‘बाबा जी’, जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, जिला सह सचिव दिनेश सिंह, अजयपाल यादव, अंकित चौधरी, अनीश सिंह ‘सोनू’, रामप्रकाश पाल, कश्मीर गंगवार, प्रदीप यादव, शिवराम शाक्य, सतीश कठेरिया, टिंकू यादव, बड़े यादव, अजीत सोमवंशी, संतोष सक्सेना, रामनरेश लेखपाल, प्रेमचंद्र यादव, नवीन यादव, हिमांशु राजपूत ‘बबलू खटीक’ सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
धरने के दौरान किसानों ने एक स्वर में मांग की कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी हो और उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है।
