फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 सितंबर 2025 भोजपुर विधानसभा (संख्या 195) से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को आचार संहिता और महामारी अधिनियम उल्लंघन के मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एमपी/एमएलए न्यायालय के न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र कुमार ने विधायक को छह माह का कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हालांकि अदालत ने विधायक को राहत देते हुए 20-20 हजार रुपये के दो बंधपत्र दाखिल करने पर जमानत प्रदान कर दी।
मामला क्या था?
यह मामला 29 जनवरी 2022 का है। भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर अपने 8-10 समर्थकों और कई गाड़ियों के काफिले के साथ नामांकन स्थल पहुँचे थे। आरोप है कि उनके काफिले में शामिल एक वाहन पर भाजपा का चुनाव चिन्ह और झंडा लगा था। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, किसी भी प्रत्याशी को नामांकन स्थल से 200 मीटर की परिधि में काफिला ले जाने या झंडा/प्रतीकयुक्त वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।
इतना ही नहीं, उस समय कोविड-19 नियमों का उल्लंघन भी हुआ था। इसी आधार पर चौकी सिविल लाइन प्रभारी आनंद शर्मा ने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता एवं महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस और अदालत की कार्यवाही
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ जितेंद्र सिंह ने पुख्ता दलीलें पेश कीं। गवाहों और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद न्यायालय ने विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को दोषी करार दिया।
राजनीतिक हलचल
इस फैसले ने भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। विपक्षी दल इसे चुनावी आचार संहिता के सख्त अनुपालन का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि विधायक समर्थक इसे तकनीकी मामला करार दे रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आने वाले चुनावों में विधायक की साख और जनाधार पर असर डाल सकता है।
निचोड़
भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को मिली यह सजा न केवल चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की गंभीरता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति — चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो — विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है।
