फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 10 दिसंबर 2025 भारती कृषक एसोशिएशन (अराजनैतिक) द्वारा तहसील कायमगंज अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में राजकीय भूमि पर अवैध कब्जों, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एसोशिएशन ने इन मामलों को जनहित से जुड़ा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
एसोशिएशन के अनुसार राजस्व ग्राम भगौतीपुर, तहसील कायमगंज में स्थित एक नान-जेडए श्रेणी की राजकीय भूमि पर वर्ष 2007 से अवैध कब्जा किया गया है। यह भूमि मुख्य मार्ग से सटी, सरकारी विद्यालय के उत्तर दिशा में स्थित है, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि दबंगों द्वारा गुंडागर्दी के बल पर वर्षों से मकान व दुकानें बनाकर कब्जा किया गया है। इस संबंध में वाद संख्या 2284/2025 उत्तर प्रदेश लोक परिसर (अनधिकृत अधिवासियों की बेदखली) अधिनियम 1972 के अंतर्गत तहसील कायमगंज में दर्ज है, बावजूद इसके अब तक भूमि को खाली नहीं कराया गया।
किसान संगठन का यह भी आरोप है कि अवैध कब्जाधारकों से कथित रूप से नोटिस शुल्क लेकर कार्रवाई को लंबित रखा जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त संगठन ने ग्राम चितार में वर्तमान व पूर्व प्रधान पर सरकारी व सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाया है। वहीं कुस्खा-कायमगंज में सड़कों के दोनों ओर फुटपाथ पर दुकानदारों व फेरीवालों द्वारा किए गए अतिक्रमण से रास्ते संकरे होने की शिकायत की गई है। संगठन ने ऐसे अतिक्रमणों को तत्काल हटवाने की मांग की है।
किसानों की फसलों को लेकर भी चिंता जताई गई। संगठन ने बताया कि जनपद फर्रुखाबाद में आलू की फसल औने-पौने दामों पर बिकने को मजबूर है। साथ ही नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने से सिंचाई प्रभावित हो रही है, जबकि इस समय फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता है।
भारती कृषक एसोशिएशन ने एक अन्य मामले में दिवंगत किसान नेता श्रीश चंद्र शाक्य की मृत्यु का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, जिससे वे लंबे समय तक धरने पर रहे। संगठन ने उनके परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
अंत में संगठन ने ग्राम भगौतीपुर सहित अन्य स्थानों पर नान-जेडए श्रेणी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटवाने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन से की है।
