फर्रुखाबाद: सी.पी. इंटरनेशनल स्कूल में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, दिलाई गई शपथ

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 फरवरी 2026 सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में एआरटीओ (प्रशासन) कृष्ण कुमार यादव द्वारा सी.पी. इंटरनेशनल स्कूल, फर्रुखाबाद में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया तथा सड़क सुरक्षा संबंधी साहित्य वितरित किया गया।

एआरटीओ (प्रशासन) ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाएं मुख्यतः लापरवाही के कारण बढ़ रही हैं, जिन्हें नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें। किसी भी स्थिति में यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग न करें, वाहन के सभी प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग बिल्कुल न करें। साथ ही, दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने का आग्रह किया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय विष्ट ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने की सीख देते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पूर्व तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी प्रकार का वाहन न चलाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी अपील की कि वे अपने साथियों और परिवारजनों को भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के दौरान एआरटीओ (प्रशासन) ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 199क के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई किशोर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके संरक्षक या मोटर वाहन स्वामी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस प्रावधान के अंतर्गत संरक्षक/स्वामी को 3 वर्ष तक का कारावास तथा 25 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, संबंधित वाहन का पंजीकरण एक वर्ष के लिए निरस्त किया जा सकता है और किशोर को 25 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा संबंधी शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर लगभग 200 विद्यार्थी, प्रधानाचार्य संजय विष्ट, विद्यालय का शिक्षण स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।