फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 नवंबर 2025 कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता तथा मा० विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य की गरिमामयी उपस्थिति में आगामी मेला श्री रामनगरिया एवं विकास प्रदर्शनी 2026 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह मेला 03 जनवरी 2026 से 03 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा।
जल, विद्युत, सुरक्षा और सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक/मेला सचिव ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था के लिए हैंडपम्प व समर्सिबल पम्प लगाए जाएंगे। विशेष पर्वों पर नगर पालिका के टैंकर भी पानी उपलब्ध कराएंगे।
पूरे मेला क्षेत्र की भव्य सजावट, पुलों की लाइटिंग तथा साधु-संतों, कल्पवासियों व दुकानदारों के लिए सुगम विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
मेला परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र, अस्थायी शौचालय, व निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे व सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। साथ ही मेले के प्रमुख आयोजनों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
साधु-संतों एवं मेला समिति से सुझाव
जिलाधिकारी ने मेला प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए साधु-संतों व समिति सदस्यों से सुझाव मांगे।
इस दौरान निम्न प्रमुख सुझाव दिए गए—मेला शुभारंभ से पहले सभी दुकानों की स्थापना, टेंट व शिविरों की समुचित व्यवस्था, समिति सदस्यों के पहचान पत्र जारी करना, अनावश्यक रूप से महंगे कलाकारों को न बुलाया जाए, मेला आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाए, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए किराये पर कॉटेज की व्यवस्था, मेला क्षेत्र में अस्थायी मोबाइल टॉवर लगवाना, सभी घाटों का नामकरण व नम्बरिंग, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक एवं थर्माकोल मुक्त बनाने का प्रस्ताव, गंगा में गिर रहे नालों की टैपिंग, मेले में विद्युत के रूप में जमा सिक्योरिटी वापस करने की मांग, एक अतिरिक्त पैंटून पुल बनवाने का प्रस्ताव
मेले के प्रान्तीयकरण की पहल
मा० विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य ने बताया कि मेले के प्रान्तीयकरण की प्रक्रिया जारी है, जिससे भविष्य में इसे और अधिक संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कानून व्यवस्था को लेकर अपील
पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित जनों से अपील की कि मेले में कानून को हाथ में न लें। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचित करें।
30 लाख रुपए का बजट, सामूहिक सहयोग का आह्वान
जिलाधिकारी द्विवेदी ने बताया कि संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मेले के लिए 30 लाख रुपए का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में भी सामूहिक प्रयासों से मेले को भव्य व दिव्य बनाया जा सकता है। यह आयोजन सनातन संस्कृति, कल्पवास परंपरा व पवित्र शुचिता का प्रतीक है।
बैठक में पूज्यनीय साधु-संत, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी सदर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं मेला कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
