फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 फरवरी 2026 जनपद में संचालित सभी शीतगृह संचालकों को प्रशासन द्वारा कड़ा निर्देश जारी किया गया है। जनपद में कुल 111 शीतगृह संचालित हैं, जिनके स्वामियों एवं प्रबंधकों को अवगत कराया गया है कि उनके शीतगृह लाइसेंस की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है।
अधोहस्ताक्षरी कार्यालय द्वारा शीतगृह संचालकों को नोटिस एवं दूरभाष के माध्यम से कई बार लाइसेंस नवीनीकरण कराने के लिए सूचित किया गया, लेकिन कई संचालकों द्वारा अभी तक वर्ष 2026 के लिए लाइसेंस नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक प्रपत्र कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आलू भंडारण का समय नजदीक होने के बावजूद यदि बिना लाइसेंस नवीनीकरण के किसी शीतगृह में किसानों का आलू भंडारित किया जाता है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज विनियमन अधिनियम-1976 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संचालक की होगी।
प्रशासन ने सभी शीतगृह स्वामियों और प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे शीघ्र ही लाइसेंस नवीनीकरण हेतु आवश्यक प्रपत्र अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
★आवेदन पत्र
★लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क जमा चालान की प्रति
★भवन सुदृढ़ता प्रमाण-पत्र
★मशीनरी की कार्यशीलता एवं अवशीतन क्षमता प्रमाण-पत्र
★भवन, मशीनरी तथा स्टॉक संबंधी बीमा प्रपत्र की प्रति
★विद्युत लोड स्वीकृति अथवा अंतिम बिल जमा रसीद
★अग्निशमन विभाग का प्रमाण-पत्र
★प्रदूषण विभाग की एनओसी
★भवन, मशीनरी, लकड़ी की रैक एवं बांस आदि की मरम्मत प्रमाण-पत्र
★विगत वर्ष में भंडारित आलू में क्षति न होने का प्रमाण-पत्र
★शीतगृह की पार्टनरशिप डीड की प्रति
प्रशासन ने कहा है कि किसान हितों को ध्यान में रखते हुए सभी शीतगृह संचालक समय रहते लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करें, जिससे भंडारण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
