फर्रुखाबाद:उत्तर प्रदेश में खाद संकट पर जनपद में आम आदमी पार्टी का जोरदार धरना-प्रदर्शन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। जिले के किसानों ने शनिवार को आम आदमी पार्टी किसान प्रकोष्ठ के नेतृत्व में जिला कार्यालय फतेहगढ़ धरना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। धरना स्थल से लेकर कार्यालय तक किसानों और नेताओं ने “किसान एकता जिंदाबाद”, “खाद माफिया मुर्दाबाद”, “जय जवान-जय किसान” जैसे गगनभेदी नारे लगाए और सरकार को घेरते हुए चेतावनी दी कि यदि तुरंत खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

जिला अध्यक्ष नीरज प्रताप शाक्य का हमला

धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष इंजी. नीरज प्रताप शाक्य ने कहा कि प्रदेश भर में खाद की भारी कमी है। किसान घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं पा रहे हैं। यह सरकार की घोर नाकामी और किसानों के साथ किया जा रहा सीधा अन्याय है। धान, ज्वार, बाजरा, मक्का और गन्ना जैसी खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है, लेकिन खाद न मिल पाने से बोआई और उत्पादन पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा –

“योगी सरकार बड़े उद्योगपतियों की जेब भरने में लगी है, जबकि अन्नदाता दर-दर भटक रहा है। यह किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है।”

ज्ञापन सौंपा, रखीं 5 बड़ी मांगें

आम आदमी पार्टी और किसान संगठनों ने राज्यपाल महोदय को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए सरकार से 5 बड़ी मांगें रखीं –

1. किसानों को तुरंत पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।

2. खाद वितरण में हो रही कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।

3. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

4. खाद की कमी से प्रभावित किसानों के लिए विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की जाए।

5. खाद वितरण में पारदर्शिता लाकर किसानों को प्राथमिकता दी जाए।

किसान नेताओं ने खोला प्रशासन पर मोर्चा

धरना स्थल पर किसान नेताओं ने एक सुर में सरकार और प्रशासन की आलोचना की।

नरेंद्र सिंह सोमवंशी ने कहा कि गोदाम खाद से भरे हैं, लेकिन किसानों को खाली हाथ लौटाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर गोदाम और वितरण केंद्रों का घेराव किया जाएगा।

बबलू दीक्षित ने कहा कि किसान पहले से ही बाढ़ से बर्बाद है और ऊपर से खाद, बीज और कीटनाशकों की जबरन थोपकर आपूर्ति की जा रही है।

कमलेश राजपूत ने बताया कि 300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं, फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन सरकार किसानों को राहत देने की बजाय खाद संकट खड़ा कर रही है।

एडवोकेट जितेंद्र सिंह, अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष, ने चेतावनी दी कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों को उचित दाम पर खाद उपलब्ध कराना ही होगा।

भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी

धरना स्थल पर अवनीश सिंह तोमर, कैप्टन श्याम पाल सिंह, अमित राजपूत, नवीन कुमार शाक्य, जोग राम राजपूत जैसे वरिष्ठ किसान नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राघवेंद्र यादव, आईटी सेल प्रभारी अंकित शाक्य, नगर अध्यक्ष रामकिशन कश्यप, जिला उपाध्यक्ष जगतपाल शाक्य, अमित कुशवाहा, अंकुश चौहान, संजीव सोमवंशी, बबलू भैया, जगदीश सिंह यादव, जर्मन यादव सहित कई नेताओं ने भी धरने में भाग लिया।

किसान संगठनों का गठबंधन और आंदोलन की चेतावनी

धरना स्थल पर किसान संगठनों और नेताओं ने किसानों की समस्याओं पर एक कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने पर सहमति जताई। तय किया गया कि यदि सरकार ने खाद, बीज, कीटनाशक और आवारा पशुओं जैसी समस्याओं पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो जिले में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

अंत में जिला अध्यक्ष नीरज प्रताप शाक्य ने कहा –

“हम उम्मीद करते हैं कि सरकार किसानों की जमीनी समस्याओं को समझते हुए खाद आपूर्ति में तुरंत सुधार करेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी और किसान संगठन सड़क से लेकर गोदामों तक आंदोलन करेंगे।”