फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 नवम्बर 2025 जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मतदेय स्थलों के सम्भाजन (Rationalization), निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एवं विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण से संबंधित विषयों पर चर्चा करना था।
बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे जिनमें —भाजपा से श्री डी.एस. राठौर, जिला महामंत्री,
समाजवादी पार्टी से श्री सुभाष चन्द्र शाक्य एडवोकेट, जिला उपाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी से श्री विनोद गौतम, जिलाध्यक्ष,
कांग्रेस से श्री अंकुर मिश्रा एडवोकेट, अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी, आम आदमी पार्टी से श्री अंकुश सिंह, जिला सचिव
तथा सीपीआई (एम) से श्री सुनील कटियार सम्मिलित हुए।
बैठक के मुख्य निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया—
1️⃣ मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित मतदेय स्थल के आसपास ही वहां दर्ज मतदाताओं का निवास हो।
2️⃣ आयोग ने यह अपेक्षा की है कि बहुमंजिला भवनों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज़, आरडब्ल्यूए कॉलोनियों आदि में, जहां परिसर में सामुदायिक हॉल या सामान्य सुविधा क्षेत्र उपलब्ध हैं, वहां नये मतदेय स्थल स्थापित करने पर विचार किया जाए।
3️⃣ प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्या संतुलित हो तथा किसी परिवार के सदस्य अलग-अलग अनुभागों में न रखे जाएं।
4️⃣ 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का विभाजन किया जाएगा ताकि मतदाताओं को मतदान के समय बेहतर अनुभव व सुगमता मिल सके।
5️⃣ मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन 10 नवम्बर 2025 (सोमवार) को किया जाएगा। इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
6️⃣ 15 नवम्बर 2025 (शनिवार) को सांसदों, विधायकों तथा राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर प्राप्त शिकायतों व सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी दलों से सहयोग की अपील की, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से सम्पन्न हो सके।
