फर्रुखाबाद:गंगा किनारे बसेगी ‘आस्था की नगरी’, विकास प्रदर्शनी व सांस्कृतिक आयोजनों के साथ कड़ा सुरक्षा घेरा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 31 दिसम्बर 2025 माघ माह के आगमन के साथ ही गंगा के पावन पंचाल घाट पर आस्था की नगरी आकार लेने लगी है। एक माह तक चलने वाले माघ मेले को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कल्पवास, साधु-संतों के प्रवास और लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए गंगा तट पर अस्थायी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप दिया गया है।

कल्पवास और साधु-संतों के लिए विशेष इंतजाम

प्रशासन द्वारा कल्पवासियों के लिए गंगा तट पर स्थान चिन्हित कर टीन शेड लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में साधु-संत और महात्मा पहले ही पंचाल घाट क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जो माघ माह भर यहीं साधना और गंगा स्नान करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठहराव, पेयजल, प्रकाश और स्वच्छता की समुचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आठ अखाड़ों के लिए अलग-अलग मंडल

धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस वर्ष आठ अखाड़ों के लिए अलग-अलग मंडल तैयार किए गए हैं। प्रत्येक अखाड़े की बाउंड्री निर्धारित की गई है और उनके भीतर ठहराव की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे अनुशासन बना रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से होती रहे।

स्वच्छता और पेयजल पर विशेष जोर

मेला सचिव एवं अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस बार लगभग 1065 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करीब इतने ही नल लगाए जा रहे हैं। सार्वजनिक शौचालयों की अलग व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे आकर्षण का केंद्र

श्रद्धालुओं के मनोरंजन और सांस्कृतिक सहभागिता के लिए मेला क्षेत्र में सांस्कृतिक पांडाल तैयार किया गया है। यहां प्रतिदिन दिन में 11 बजे से 3 बजे तक तथा रात्रि में 8 बजे से 11 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेला अवधि में भागवत कथा, रामकथा सहित विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

विकास प्रदर्शनी और विभागीय स्टॉल

गंगा तट पर धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के साथ मेला क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है। प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क

प्रशासनिक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग दो लाख श्रद्धालु गंगा स्नान एवं दर्शन के लिए पंचाल घाट पहुंच सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

अपर जिलाधिकारी एवं मेला सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि “माघ माह के दौरान गंगा तट पर कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। अखाड़ों की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सुरक्षा को मजबूत किया गया है, ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।”