फर्रूखाबाद:महाबोधि विरासत बचाओ आंदोलन के अंतर्गत संकिसा में चिंतन शिविर आयोजित, BT एक्ट 1949 को रद्द करने की उठी मांग

फर्रुखाबाद (द दस्तक 24 न्यूज़) 28 जून 2025 महाबोधि विरासत बचाओ आंदोलन के अंतर्गत एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन YBS सेंटर, संकिसा में किया गया। इस शिविर में महाबोधि महाविहार को BT Act 1949 से मुक्त करने की जोरदार मांग उठाई गई। आंदोलन के महानायक एवं बौद्ध समाज के प्रतिष्ठित विचारक आदरणीय आकाश लामा जी की विशेष उपस्थिति ने शिविर को दिशा और ऊर्जा प्रदान की।

शिविर के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए महाबोधि महाविहार (बोधगया) न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक भी है। BT एक्ट 1949 के अंतर्गत इस पवित्र स्थल पर बौद्ध समुदाय के बजाय गैर-बौद्धों का प्रशासनिक नियंत्रण है, जो कि धार्मिक स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान के खिलाफ है।

“महाबोधि महाविहार मुक्त करो, मुक्त करो – BT एक्ट 1949 रद्द करो, रद्द करो” जैसे नारों के साथ उपस्थित भिक्षुओं, विचारकों, उपासकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को नई धार दी। चिंतन शिविर में यह स्पष्ट किया गया कि जब तक बौद्धों को महाबोधि पर पूर्ण अधिकार नहीं मिलेगा, आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

इस अवसर पर आकाश लामा जी ने कहा –

 “महाबोधि महाविहार केवल एक इमारत नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए करुणा, शांति और बौद्ध दर्शन का जीवंत प्रतीक है। इसे उसकी मूल आत्मा – बौद्ध समाज – को सौंपना समय की मांग है। BT एक्ट 1949 अब अप्रासंगिक हो चुका है और इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए।”

चिंतन शिविर में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि बौद्धों को उनके धार्मिक स्थलों का स्वशासन दिया जाए और केंद्र सरकार से इस विषय पर तत्काल संवैधानिक एवं विधिक पहल करने की अपील की जाएगी। साथ ही देशभर में इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।

इस आयोजन में अनेक सामाजिक संगठनों, बौद्ध मठों, और युवा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के संकल्प के साथ शिविर का समापन हुआ।