फर्रुखाबाद में मत्स्य योजनाओं पर जिला स्तरीय बैठक आयोजित

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2025 आज सायंकाल 6 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्यपालक कल्याण कोष एवं निषाद राज बोट योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने की।

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में ग्राम सभा के तालाबों में परंपरागत तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे वार्षिक उत्पादकता मात्र 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ही है। यदि इन तालाबों को मनरेगा कन्वर्जेंस के माध्यम से सुधारा जाए तो उत्पादकता को 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाया जा सकता है। इससे पट्टाधारकों की आय में वृद्धि होगी और उनका आर्थिक व सामाजिक उत्थान संभव होगा।

★मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत ग्राम सभा के पट्टे वाले तालाबों पर कोई परियोजना मान्य नहीं थी। इस रिक्तता को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य योजना लागू की गई है। इसके लिए 24 जुलाई से 14 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। योजना के तहत सुधारे गए तालाबों में मत्स्य पालन हेतु ₹4 लाख प्रति हेक्टेयर की परियोजना लागत पर 40% अनुदान दिया जाएगा। लाभार्थी अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के लिए पात्र होंगे।

★मत्स्यपालक कल्याण कोष

इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण, भ्रमण कार्यक्रम व मोपेड विद आइस बॉक्स की सुविधा दी जाएगी। इकाई लागत ₹0.60 लाख होगी, जिस पर 40% अनुदान दिया जाएगा। शेष राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी।

★निषाद राज बोट योजना

प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2023 से निषाद राज सब्सिडी योजना लागू की थी। इस योजना के अंतर्गत गरीब मछुआरों को नाव व अन्य उपकरण अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इकाई लागत ₹0.67 लाख है, जिसमें वुडन फिशिंग बोट (₹0.50 लाख), लाइफ जैकेट, जाल व आइस बॉक्स (₹0.17 लाख) शामिल हैं। लाभार्थी को 40% अनुदान मिलेगा और शेष राशि स्वयं जुटानी होगी।

लाभार्थी चयन में केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, धीमर, कश्यप, बाथम, रैकवार, माझी, गोडिया, कहांर, तुरैहा समुदायों से जुड़े पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में सीडीओ विनोद कुमार गौड़ सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।